मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर राज्य सरकार प्रदेश में बंद पड़े 8 कंबल कारखाने चलाएगी। इनमें निर्मित कंबलों को खरीद कर गरीबों में वितरित करेगी। सरकार को प्रतिवर्ष दस लाख कंबल और साढ़े तीन करोड़ स्कूल यूनिफॉर्म की आवश्यकता है। खादी ग्रामोद्योग विभाग इसकी आपूर्ति कर सके तो विभाग की तस्वीर बदल जाएगी।
योगी बुधवार शाम लोक भवन के समिति कक्ष में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अफसरों और कर्मचारियों को फील्ड में जाना ही होगा। मुख्यालय छोड़कर फील्ड जाने से मना करने वाले कर्मचारी अधिकारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर घर भेज देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में सोलर चरखों से बनने वाली वस्तुओं को भी खादी में शामिल किया गया है। सरकार गांधी जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों में 1000 लोगों को सोलर चरखा मुहैया कराएगी। खादी को लोकप्रिय बनाना है तो अत्याधुनिक तकनीकी और डिजाइन का उपयोग कर इसे ब्रांड बनाना होगा। खादी के अंगवस्त्र को डिजाइन कर उनमें अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ के प्रतीकों की छपाई करें, इसे लोग पसंद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी प्लाजा तैयार कराकर लोगों को रोजगार देने और 150वीं जयंती का लोगो तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर जिले में 1.50 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने खजनी गोरखपुर के खादी उत्पादन केंद्र का सुदृढ़ीकरण करने के निर्देश दिए।
गांधी जयंती पर खादी प्लाजा तैयार करें
मुख्यमंत्री ने खादी ग्रामोद्योग विभाग को यूपीका और यूपी हैंडलूम के बंद पड़ी संपत्तियों का उपयोग करने की मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ने टैक्सटाइल पॉलिसी को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। गांव की महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार मुहैया कराने के निर्देश दिए।
खादी की बनेगी स्कूल यूनिफॉर्म
बेसिक शिक्षा परिषद के कुछ स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट केतहत खादी की स्कूल यूनिफॉर्म वितरित की जाएगी। प्रयोग सफल होने के बाद इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जाएगा।
कुम्हारों को प्रशिक्षण दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने से मिट्टी के बर्तनों की बिक्री बढ़ेगी। कुम्हारों को गांव के तालाब की मिट्टी मुफ्त में दी जा रही है। उन्होंने माटी कला बोर्ड को तकनीकी से जोड़ने, स्टैंडर्ड साइज और डिजाइन के कुल्हड़ बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने गांवों में कुम्हारों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण देकर सम्मानित करने और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के आधार पर ही उन्हें गांव के तालाब में मिट्टी खनन का पट्टा देने के निर्देश दिए।
बंद इकाइयां शुरू होंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी की बंद इकाइयों के पास बड़ी-बड़ी संपत्तियां हैं। उन्हें पुन: चालू करने से लोगों को रोजगार मिलेगा और खादी विभाग की वित्तीय स्थिति भी बेहतर होगी। बैठक में मंत्री सतीश महाना, मुख्य सचिव अनूपचंद्र पांडेय, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल मौजूद थे।