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UP: सीएम योगी बोले- घर के काम में सहयोग करते हुए भी अच्छे अंक ला रही हैं छात्राएं, छात्र उनसे प्रेरणा लें

Mon, 01 Jun 2026 10:51 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में आयोजित विद्यार्थी सम्मान समारोह में मेधावियों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये व एक-एक टैबलेट के साथ ही प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
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सीएम योगी ने विद्यार्थियों को किया सम्मानित। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में यूपी बोर्ड और संस्कृत शिक्षा परिषद के टॉप 10, सीबीएसई और आईसीएसई के सर्वोच्च 10-10 समेत कुल 223 राज्य स्तरीय मेधावियों को एक-एक लाख रुपये, एक-एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। सीएम ने समारोह में 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को भी शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कार्यक्रम इस बात का सबूत है कि परिश्रम का परिणाम हमेशा सुखद होता है। उन्होंने कहा कि जब परिणाम सूची देखते हैं तो हम पाते हैं कि छात्राएं जो कि घर के काम में हाथ बंटाती हैं वो मेरिट की सूची में अधिक स्थान प्राप्त कर रही हैं। छात्रों को छात्राओं से प्रेरणा लेनी चाहिए कि वो घर के काम में माता-पिता का सहयोग करती हैं और पढ़ाई में भी आगे रहती हैं।

सीएम योगी ने कहा कि यहां 223 टॉप टेन विद्यार्थियों के साथ ही जिला स्तर पर टॉप टेन 1459 छात्रों को भी  सम्मानित किया जा रहा है। यह इन विद्यार्थियों की उपलब्धि और जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव भी है। इस परिणाम में 223 में से छात्र 85, छात्राएं 138 है। छात्राएं मेरिट सूची में ज्यादा और छात्र कम आए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद में हाईस्कूल में 115 विद्यार्थियों में 34 छात्र और 81 छात्राएं हैं। इंटर में 9 छात्र और 14 छात्राएं हैं। छात्राएं ज्यादा मेहनत कर लेती हैं। ज्यादा अंक पाने की सामर्थ्य रखती हैं। मां-पिता का सहयोग करते हुए। उन्होंने कहा कि लगता है कि अब लड़के झाड़ू पोंछा ज्यादा लगाने लगे हैं। मोहल्ले में भी काम करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र, छात्राओें से प्रेरणा लें कि वो कैसे घर के काम में सहयोग करते हुए अच्छे परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त कर रही हैं।
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नौ साल पहले नकल से होती थी परीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से नौ साल पहले ये कार्यक्रम नहीं हो सकता था। नकल से परीक्षा होती थी। मेरिट, डी मेरिट का पता नहीं। हमने नकल विहीन परीक्षा कराई। परीक्षा छात्र को परेशान करने का माध्यम नहीं होना चाहिए। आत्मविश्वास पैदा करने का भाव पैदा करे। उसका पसीना छुड़ाने के लिए पेपर न बने। परेशान न करे। शिक्षक को पता होता है कि उसका उत्तर क्या होता है। प्रश्न ऐसा हो कि छात्र थोड़े प्रयास से उसे हल कर सके। उसको हतोत्साहित न करे। परीक्षा प्रोत्साहन का माध्यम बने। 9 साल पहले नकल होती थी। शिक्षक भर्ती नहीं करते थे। विद्यालय भी वैसे थे। अंत में ठेका होना है तो छात्र मेहनत क्यों करे। पंजाब, जम्मू कश्मीर के छात्र 2017 तक यूपी में परीक्षा देते थे। अब ऐसा नहीं है। छात्र ही अपनी परीक्षा देगा। शिक्षक भी है, प्रॉक्सी शिक्षक नहीं होगा।

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माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को किया संबोधित, कहा- ये आपके लिए अंतिम पड़ाव नहीं है

माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी। - फोटो : amar ujala
इसके पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि आज कठिन प्रतिस्पर्धा में लाखों के बीच सर्वोच्च स्थान पाना चुनौती का काम है। आप ने रात दिन मेहनत कर इसे प्राप्त किया है। यह सम्मान समारोह ही नहीं जीवन को आगे बढ़ाने का उत्सव भी है। आपने निरंतर प्रयास कर अपना मार्ग प्रशस्त किया। प्रदेश का नाम रोशन किया है। जो लगन, मेहनत से लगे रहते हैं उनके लिए यह अवसर है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आपका अंतिम पड़ाव नहीं, जीवन की शुरुआत है। जीवन में हमेशा चुनौतियां होंगी। वहीं, दूसरी ओर संकल्प का ध्यान रखें। जो बनना चाहते हैं उसकी तैयारी शुरू करें। संकल्प में कोई विकल्प नहीं होता है। बार बार लक्ष्य न बदले, डॉक्टर, वकील और शिक्षक बनाना है। नेता बनना है तो कुछ करना ही नहीं है।

हाईस्कूल में आने पर बच्चों से मित्रवत व्यवहार करें अभिभावक
गुलाब देवी ने कहा कि अभिभावकों ने बच्चों की हर जरूरत पूरी की। चुनौती का भी सामना किया। छात्राओं के लिए रूढ़िवादी विचारों का सामना किया। वो समाज से लड़कर बच्चों को आगे बढ़ाते हैं। बच्चे आपके जीवन की धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के समय लोगों के सामने बड़ी चुनौती है। मोबाइल अच्छी चीज है, इसमें पढ़ाई से जुड़ी चीजें हैं। अभिभावक देखें कि बच्चे इसका सही प्रयोग कर रहे हैं या नहीं। बच्चा हाईस्कूल में आ जाए तो उनके साथ मित्र की तरह व्यवहार करें तो बच्चा गलत भावना भी साझा करेगा और उसके कदम नहीं डगमगाएंगे।

उन्होंने कहा कि बच्चों के मित्र बनकर रहेंगे तो बच्चा सही तरह से आगे बढ़ेगा। आजकल मां को फुरसत नहीं रहती है बच्चों के लिए। शिक्षकों से कहूंगी कि आपकी समाज में एक अलग पहचान है। मां-पिता अपने बच्चे आपको समर्पित करते हैं। आपके कपड़े, आपका व्यवहार, कैसे आते, जाते हैं, ये सब प्रभाव डालता है। मैं खुद शिक्षक रही हूं। बच्चों के लिए आदर्श प्रस्तुत करें। गुरु से बढ़कर कोई नहीं होता है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सीएम के निर्देश पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस साल भी यूपी बोर्ड परीक्षा नकलविहीन, शुचितापूर्ण हुई है। न पेपर लीक, न समय से पहले खोले गए। सभी को बधाई।

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