सर्वेक्षण के अनुसार महिलाओं के लिए कुछ क्षेत्र में अभी भी सुधार की जरूरत है। 15 से 24 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों में स्वच्छ मासिक धर्म सुरक्षा साधनों का उपयोग 72.9% से घटकर 69.2% रह गया है। इसी प्रकार घरेलू निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी का प्रतिशत भी 87.6 से घटकर 85.9 हो गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्री डॉ. पवन मिश्रा का कहना है कि इंटरनेट मनोरंजन के साथ ही सशक्तीकरण का माध्यम है। समय के साथ महिलाओं में इंटरनेट का उपयोग बढ़ा है। वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक हो रही हैं। आने वाले दिनों में और अधिक सकारात्मक बदलाव नजर आएंगे।
इन श्रेणियों में दर्ज हुई गिरावट
- स्वच्छ मासिक धर्म सुरक्षा साधनों का उपयोग (15-24 वर्ष) : 72.9 प्रतिशत से घटकर 69.2 प्रतिशत
- घरेलू निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी 87.6 प्रतिशत से घटकर 85.9 प्रतिशत