महिला व उसकी दो नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म के आरोप में सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर लखनलाल गुप्ता को जेल भेजने के साथ पुलिस अश्लील क्लिप की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
दरअसल, पुलिस के सवालों पर लड़खड़ाए लखनलाल ने जुर्म से इन्कार करने के साथ महिला व उसके पति पर मसाज के दौरान अश्लील क्लिप बनाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया, जबकि क्लिप में मसाज की पुष्टि नहीं हो रही थी।
एसओ आशियाना संतोष तिवारी ने बताया कि महिला के साथ लखनलाल की अश्लील क्लिप में मसाज जैसा कुछ नजर नहीं आया। नशीला पदार्थ खिलाकर क्लिप बनाए जाने की भी बात झूठी लग रही है क्योंकि महिला के साथ निर्वस्त्र हालत में लखनलाल किसी से मोबाइल पर बातचीत करते नजर आ रहा है।
उसकी मानसिक स्थिति सामान्य लग रही है। जांच की जा रही है कि क्लिप कब, कहां और किसके द्वारा बनाई गई। क्लिप बनाने का मकसद क्या था? लखनलाल का आरोप है कि महिला ने पति की मदद से उसे ब्लैकमेल करने के लिए क्लिप बनाई, जबकि महिला ने लखनलाल पर मोबाइल से क्लिप बनाने व फोटो खींचने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने सवाल किया कि महिला द्वारा लंबे समय से संबंध बनाकर रकम वसूली जा रही थी तो छह मार्च से ही उसके पति के खातों में रुपये क्यों जमा किए? यदि 16 मार्च को क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी तो 18 मार्च को फिर पति के खाते में 15 हजार रुपये जमा करने की क्या जरूरत थी?
लखनलाल से पूछा कि किसी सलाह पर सुबूत तैयार करने के लिए बैंक खाते में रकम जमा करनी शुरू की थी तो वह चुप्पी साध गया। अपने एक दोस्त के जरिये क्राइम ब्रांच के कर्मचारी तक पहुंचने की बात कुबूली।
क्राइम ब्रांच से साठगांठ की जांच
खंगाली जा रही है कॉल डिटेल
सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर लखनलाल गुप्ता ने माना कि वह 16 मार्च से क्राइम ब्रांच के संपर्क में था। उसकी तहरीर पर शुक्रवार यानी एक अप्रैल को आशियाना थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई और ब्लैकमेलिंग के आरोपी दंपती को पकड़ा गया।
उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद क्राइम ब्रांच की टीम के तेवर बदलने लगे। दांव उल्टा पड़ते देख वह चुपचाप खिसक लिया। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या क्राइम ब्रांच के सिपाही शहंशाह व नीरज कुमार का दोष नजर आने पर दोनों को निलंबित करके मामले की जांच एएसपी प्रोटोकाल को सौंपी गई है।
लखनलाल गुप्ता के मोबाइल का कॉल डिटेल खंगालकर पता लगाया जाएगा कि वह किन लोगों के संपर्क में था। क्राइम ब्रांच में किससे उसकी बात होती थी? इतना ही नहीं उसके बैंक खातों की स्थिति से पता चलेगा कि एक महीने में कितनी रकम निकाली गई।
एएसपी को तीन दिन में जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ चार पुलिसकर्मियों की क्राइम ब्रांच में दोबारा तैनाती व क्राइम ब्रांच भंग होने के दौरान दो पुलिसकर्मियों को कार्यमुक्त न किए जाने की वजह की छानबीन कराई जा रही है।
लखनलाल ने सफाई दी कि तीन साल पहले बिहार मूल के गरीब दंपती को घरेलू काम के लिए रखा। इस दौरान युवक से शरीर की मालिश कराता था। वह बहाने से अपनी पत्नी को भी बुलाकर मालिश करा देता था।
एक्सरसाइज के बहाने दोनों ने अपने किराए के मकान पर बुलाया और नशा खिलाकर उसकी अश्लील फोटो खींची व क्लिप बनाकर ब्लैकमेल करने लगे। दंपती की मांग दिनों दिन बढ़ती गई। रकम देने से इन्कार पर क्लिप व फोटो सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे।
दो हफ्ते से था क्राइम ब्रांच के संपर्क में
क्राइम ब्रांच से मांगी थी मदद
- फोटो : demo
लखनलाल गुप्ता ने पुलिस को बताया कि ब्लैकमेलिंग से तंग आकर उसने अपने करीबी लोगों से मदद मांगी और एक दोस्त के माध्यम से 16 मार्च को क्राइम ब्रांच के एक कर्मचारी से संपर्क किया था।
उसने अधिकारी से मुलाकात कराई। अफसर को मामले की जानकारी देने के साथ उन्हें दंपती द्वारा भेजे गए एसएमएस दिखाए और बातचीत की रिकॉर्डिंग सुनाई। अफसर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
इसके बाद वह दंपती के खिलाफ कार्रवाई के लिए संपर्क करता रहा और क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को उसकी रिपोर्ट दर्ज कराकर ब्लैकमेलिंग के आरोपी दंपती को पकड़ा। उसे भी क्राइम ब्रांच बुलाया गया था।
वहां पुलिसकर्मियों के तेवर बदलते देख नजरें बचाकर खिसक लिया था लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया।
सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने महकमे के उच्चाधिकारियों से चीफ इंजीनियर लखनलाल गुप्ता की गिरफ्तारी की जानकारी ली। उसकी करतूत पर नाराजगी जताने के साथ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। सिंचाई मंत्री के आदेश पर महकमे के अधिकारियों ने भी अपने स्तर से जांच शुरू की है।