बेहतर दूल्हा या दुल्हन तलाशने का जरिया बनी मैट्रोमोनियल वेबसाइट्स जालसाजों के लिए ठगी का मुफीद जरिया बन रहे हैं। ठग इन वेबसाइट्स के जरिये रईस परिवारों की तलाश कर उन्हें अपने झांसे में फंसाने के पैंतरे चल रहे हैं और पैसे हड़प रहे हैं। राजधानी में सबसे ज्यादा ऐसे ठगी के मामले पुलिस के पास एनआरआई दामाद या बहू के नाम पर हो रहे हैं। ये उदाहरण इसकी बानगी हैं।
मैट्रोमोनियल वेबसाइट के जरिए हो रहे जालसाज पहले लड़की या लड़के के परिवार वालों से संपर्क कर उन्हें सब्जबाग दिखाते हैं। लगातार बातचीत के बाद मिलने के लिए समय और जगह तय करते हैं, फिर भारत आकर परिवार से मिलने की इच्छा जाहिर करते हैं। इसके बाद कस्टम में सामान फंसने की कहानी सुनाते हैं। कस्टम से छूटने के लिए पैसे नहीं होने या इंटरनेशनल डेबिट कार्ड के काम न करने का बहाना बनाकर भारत में दूसरे पक्ष को अपने जाल में फंसाते हैं।
एक बार खाते में पैसे आने के बाद दोबारा और रकम की मांग करते हैं। पैसे मिलते रहने तक उनका यह सिलसिला चलता रहता है और जैसे ही कोई शक करता है वे संपर्क तोड़ लेते हैं। पड़ताल के बाद ठगी का शिकार बने परिवार को फ्रॉड का पता चलता है। आलम यह है कि पुलिस में शिकायत के बाद भी ठगी करने वाला पकड़ में नहीं आ पाता है। इसके अलावा परिवार के किसी सदस्य जैसे मां की बीमारी में पैसे की जरूरत होने का भी हवाला देकर ठगी केमामले सामने आए हैं।