नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) व एनआरसी के विरोध में दर्ज मामलों में से 215 में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इन मामलों में प्रदेश भर में कुल 510 एफआईआर दर्ज हुई थीं। इनमें सात हजार से अधिक लोगों के नाम सामने आए जिनमें से 3300 से अधिक के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं, साढ़े तीन हजार से अधिक वांछित चल रहे हैं। साक्ष्यों के अभाव में 14 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल की गई है।
सीएए व एनआरसी के विरोध में हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत गत 19 दिसंबर को लखनऊ में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई हिंसा में कुल 23 लोगों की मौत हुई और पुलिस कर्मियों समेत लगभग 600 लोग घायल हुए थे। राज्य सरकार ने इसे लेकर कड़ा रुख अपनाया था। इन प्रदर्शनों की जांच के लिए सभी जिलों में एसआईटी का गठन किया गया था।
लॉकडाउन के दौरान भी एसआईटी की जांच जारी रही। लॉकडाउन से पहले 15 मार्च तक 94 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई थी और दो मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई। वहीं लॉकडाउन के बाद जिलों में गठित एसआईटी की जांच में तेजी आई और 121 मामलों में चार्जशीट दाखिल कर दी गई।