कोडीन कफ सिरप कांड में दुबई में बैठे मास्टरमाइंड शुभम समेत चार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। एसटीएफ ने अवैध सप्लाई और करोड़ों के लेनदेन के साक्ष्य जुटाए हैं। दुबई से शुभम और गौरव को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल समेत चार आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। शुभम और गौरव फिलहाल दुबई में हैं। दोनों को भारत लाने के लिए एसटीएफ गृह एवं विदेश मंत्रालय से पत्राचार कर चुकी है। उनकी वापसी की प्रक्रिया जारी है। शुभम वाराणसी का रहने वाला है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और एसटीएफ ने पिछले साल इस सिंडिकेट का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह एबॉट कंपनी से कफ सिरप की खेप खरीदकर विभिन्न राज्यों में बेचता था और इसकी आपूर्ति नेपाल व बांग्लादेश तक करता था। एसटीएफ ने नेटवर्क, बैंक खातों और सप्लाई रूट की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए हैं। जांच के मुताबिक, अवैध कारोबार से कई सौ करोड़ रुपये की कमाई की गई। चार्जशीट में शुभम व गौरव के अलावा अमित जायसवाल और विकास सिंह नर्वे को भी आरोपी बनाया गया है।
फंड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी गौरव के पास
जांच में पता चला कि सिंडिकेट की रकम का प्रबंधन गौरव करता था। शुभम उस पर भरोसा करता था। रकम कहां से आएगी, कहां खपाई जाएगी और किसे कितना कमीशन देना है, इसका फैसला गौरव करता था। एसटीएफ ने उसकी भूमिका से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए हैं।
पूर्वांचल का नेटवर्क संभालता था विकास
विकास सिंह पूर्वांचल में सिंडिकेट का काम देखता था और शुभम का करीबी था। उसकी करीब एक दर्जन फर्मों के जरिये सिरप की खरीद-फरोख्त की जाती थी। वहीं, अमित जायसवाल की शैली ट्रेडर्स और श्री हरि फार्मा के माध्यम से करीब दस करोड़ रुपये की सिरप खरीद की पुष्टि हुई है।
अब तक 32 आरोपी, 19 गिरफ्तार
एसटीएफ के मामले में अब तक 32 आरोपी बनाए गए हैं। इनमें 19 गिरफ्तार हो चुके हैं और 14 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। मुख्य आरोपियों में अमित टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक समेत करीब आधा दर्जन आरोपी जेल में हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।