इंजीनियरिंग विभाग और आरएलडीए के बीच समन्वय की कमी यात्रियों की सुविधा पर भारी पड़ने जा रही है। चारबाग रेलवे स्टेशन अपग्रेडेशन के दौरान प्लेटफॉर्मों पर लगी लिफ्ट और एस्केलेटर तोड़े जाने की तैयारी है। इन पर करीब 75 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन यात्री अब इनका लाभ नहीं उठा पाएंगे।
विभागीय मनमुटाव बना रोड़ा
रेलवे अफसरों के बीच मनमुटाव नई बात नहीं है। पहले भी इंजीनियरिंग और ऑपरेटिंग विभाग के मतभेद के चलते वॉशिंग एप्रेन का काम छह महीने तक अटका रहा। इसी तरह अब इंजीनियरिंग विभाग और आरएलडीए के बीच तालमेल की कमी लिफ्ट-एस्केलेटर तोड़ने की नौबत लेकर आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पहले से चर्चा होती तो यह स्थिति ही पैदा न होती।
पहले भी डूब चुके हैं लाखों
कुछ साल पहले प्लेटफॉर्म नंबर चार पर 40 लाख रुपये का शौचालय बनाया गया था। इसमें पुरुष, महिला और दिव्यांगों के लिए सुविधाएं थीं, लेकिन प्लेटफॉर्म मरम्मत के दौरान इसे तोड़ दिया गया। यह शौचालय एक दिन भी इस्तेमाल नहीं हो पाया।