प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। दाखिले लेने वाले छात्रों को दस्तावेज सत्यापन के लिए अब आवंटित कॉलेज में जाना नहीं पड़ेगा। वह अपने जिले के राजकीय संस्थान में दस्तावेज सत्यापन करा सकेंगे। इसके लिए वहां हेल्प सेंटर बनाया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर काउंसलिंग के दौरान पहली बार यह सुविधा दी जा रही है। इससे छात्रों को दूसरे जिले में भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं, छात्रों के एडमिट कार्ड वेबसाइट पर 8 जुलाई को अपलोड किए जाएंगे। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि पहले काउंसलिंग के दौरान प्रथम आवंटन के बाद छात्रों को आवंटित संस्थान में दस्तावेज के साथ उपस्थित होना होता था।
दस्तावेज सत्यापन और सीटों को फ्रीज व फ्लोट कराने का कार्य संस्थान के कर्मचारी करते थे। छात्रों को आवंटित संस्थान में उसकी फीस जमा करनी होती थी। मगर इस बार इसमें बदलाव किया जा रहा है। अगर छात्र आवंटित सीट को बदलाना भी चाहते हैं तो उसे संस्थान में जाने आवश्यकता नहीं होगी।
छात्र सिक्योरिटी शुल्क ऑनलाइन जमा कर सकेगा और इंटरनेट के जरिये सीट बदल सकेगा। अगर वह आवंटित सीट पर प्रवेश लेना चाहता है तो उसे आवंटित संस्थान में जाने के बजाय उसके जिले में बने हेल्प सेंटर में जाकर दाखिले की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।