लंबे इंतजार के बाद रामलला के मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर की तिरपाल बदलने का काम रविवार को शुरू हो गया। फिलहाल विराजमान रामलला की जर्जर तिरपाल उतारकर सफाई की गई।
इसके बाद रुड़की के आईडीबीआरआई की ओर से तैयार खास तिरपाल ओढ़ा कर अस्थायी रूप से बांस-बल्लियों पर कस दिया गया है। हालांकि काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इसमें संडे का पेंच फंस गया है।
कमिश्नर सूर्य प्रकाश मिश्र ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार बाकी काम हर दूसरे रविवार को निरीक्षण के दौरान एएसआई, आब्जर्वर, पक्षकारों समेत रिसीवर की उपस्थिति में ही कराया जाएगा। लिहाजा बाकी काम तय 6 दिसंबर को होने की उम्मीद है।
रविवार को एएसआई के ए. हाशमी, नीरज सिन्हा, एसबी शुक्ला, पर्यवेक्षक पीएम खान, एसके सिंह समेत मंदिर-मस्जिद विवाद से जुड़े पक्षकार आरएल वर्मा, हाजी महबूब, त्रिलोकीनाथ पांडेय, पुजारी रामदास, हरदयाल शास्त्री, एम हसबुल्लाह, खालिक अहमद की आपसी सहमति से तिरपाल बदलने का काम शुरू हुआ। पक्षकार हरदयाल शास्त्री ने बताया कि तिरपाल बदलने का काम एक दिन में पूरा करना संभव नहीं था। अब बाकी काम हर दूसरे रविवार को ही हो सकेगा।