राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस आदेश को तानाशाहीपूर्ण और धमकाने वाला करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार खुलासा करे कि इसके पीछे कौन सा बड़ा निजी घराना है जिसकी विदेशों में कोयले की खदानें हैं?
वर्मा ने कहा कि यह कौन सा कानून है कि कोई भी राज्य अगर 10 प्रतिशत विदेशी कोयला नहीं खरीदता है तो उस राज्य के घरेलू कोयले के आवंटन में 40 प्रतिशत की कटौती कर दी जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।