केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने सपा-बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आरक्षण संबंधी प्रावधानों को वैधानिक संकट में फंसाने के लिए सपा और बसपा ही दोषी हैं।
इन दोनों पार्टियों की जुगलबंदी में यूपी में दलितों पर अत्याचार जारी है। गहलोत सोमवार को भाजपा मुख्यालय में मीडिया को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ऊना में दलितों पर अत्याचार व हैदराबाद में रोहित वेमुला कांड में केंद्र को घेरने वाली मायावती ने यूपी में दलितों पर अत्याचार पर आवाज नहीं उठाई।
गहलोत ने बसपा सुप्रीमो और सीएम अखिलेश यादव से पूछा, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में एससी-एसटी के आरक्षण पर रोक के समय दोनों चुप क्यों रहे।
केंद्र में आईके गुजराल की सरकार के दौरान पदोन्नति में आरक्षण पर रोक संबंधी तीन विधेयक पारित किए गए थे। इस सरकार को भी सपा और बसपा का समर्थन हासिल था।