केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में मनरेगा के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश को पहली किस्त जारी कर दी है।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने वोटबैंक कार्ड खेलते हुए मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी को भी बढ़ा दिया है। अब 142 न होकर 156 रूपये मजदूरी मिलेगी।
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश को पहली किस्त की रकम जारी कर दी है।
सूबे को पहली किस्त में 132.84 करोड़ रुपये मिले हैं। राज्यांश 14.76 करोड़ रुपये मिलाकर पहली किस्त में 147.61 करोड़ रुपये हिस्से में आया है।
केंद्र ने बीते फरवरी में चालू वित्तीय वर्ष के लिए 2017.52 लाख मानव दिवस के श्रम बजट की स्वीकृति दी थी।
अब पहली किस्त में कुल 147.61 करोड़ रुपये ग्राम्य विकास विभाग को मिल गए हैं। विभाग को फिलहाल इसी रकम से नए सत्र की कार्ययोजना पर काम शुरू करना होगा।
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मनरेगा में बड़ा बजट केंद्र में नई सरकार द्वारा नया बजट पास कराने के बाद ही मिलने की संभावना है।
2014-15 का वित्तीय बजट फाइनल होना बाकी केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए श्रम बजट की मंजूरी देने के बाद पहली किस्त की रकम जरूर जारी कर दी है पर अभी तक वार्षिक वित्तीय बजट फाइनल नहीं हो पाया है।
जानकार बताते हैं कि प्रदेश में वर्तमान में मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी 142 रुपये है। केंद्र ने वर्ष 2014-15 के लिए मजदूरी बढ़ाकर 156 रुपये कर दी है।
प्रदेश सरकार की ओर से नई दरों को अभी अधिसूचित नहीं किया गया है जिसकी वजह से नई दर के अनुसार बजट तैयार कर केंद्र को भेजा नहीं जा सका है।