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स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं के आधार पर होगी शहरों की रेटिंग, मिलेगा ये लाभ

Sat, 28 Jul 2018 08:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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स्वच्छ भारत अभियान
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केंद्र सरकार प्रत्येक शहर की रेटिंग करेगी। इसके तहत स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं के आधार पर एक से लेकर सात स्टार्स दिए जाएंगे। साथ ही, नगर निकायों के बॉन्ड जारी करने पर दो प्रतिशत ब्याज का भार केंद्र सरकार वहन करेगी। इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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शुक्रवार को केंद्रीय आवासन व शहरी कार्यालय मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही शहरी विकास की योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि शहरों की रेटिंग को लेकर जगह-जगह वर्कशॉप लगाए जा रहे हैं।

इसके बाद, रेटिंग की कार्यवाही शुरू होगी। इसमें देखा जाएगा कि शहरों में कूड़ा प्रबंधन किस तरह का है। प्रत्येक नागरिक के लिए साफ पेयजल, जलभराव से मुक्ति, बेहतर सड़कें व स्ट्रीट लाइट आदि मूलभूत सुविधाएं रेटिंग का आधार होंगी। नगर निकायों को स्वावलंबी बनाने के लिए उनकी क्रेडिट रेटिंग भी की जा रही है।
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अभी तक अमृत योजना में चुने गए 500 में से 412 शहरों की क्रेडिट रेटिंग हो चुकी है। इसके आधार पर पुणे, हैदराबाद व इंदौर ने बॉन्ड जारी कर दिए हैं। जल्द ही यूपी में गाजियाबाद और लखनऊ नगर निगम भी बॉन्ड जारी करने वाले हैं। इन बॉन्ड्स से मिली राशि आधारभूत सुविधाओं के विकास पर खर्च होगी।

उससे होने वाली आय से निवेशकों की धन वापसी का इंतजाम होगा। इन बॉन्ड्स पर केंद्र सरकार दो फीसदी इन्ट्रेस्ट सब्वेंशन (ब्याज छूट) देगी। यूपी के वाराणसी शहर में दिसंबर तक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम शुरू हो जाएगा। आगरा व इलाहाबाद समेत अन्य शहरों में भी जल्द यह सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवश्यक एक करोड़ मकानों में से 54 लाख की स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

अमृत योजना के 500 शहरों में वर्ष-2020 से पहले 1.04 करोड़ नल (टैप) लगाए जाएंगे। मूलभूत सुविधाओं के लिए 77,640 करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार की गई हैं। इसका 52 फीसदी हिस्सा पानी पर खर्च किया जाएगा। 

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बिल्डिंग निर्माण के लिए मिलेगी ऑनलाइन अनुमति

मिश्रा ने कहा कि बिल्डिंग निर्माण के लिए ऑनलाइन अनुमति की व्यवस्था की जा रही है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश व गुजरात ने इस व्यवस्था को शत-प्रतिशत लागू कर दिया है। स्मार्ट सिटीज में कम संसाधनों में अधिक काम की संस्कृति विकसित की जाएगी। 7100 करोड़ रुपये के 394 प्रोजेक्ट पूरी हो चुके हैं। प्रत्येक कार्य की जियो टैगिंग भी कराई जा रही है। शहरों के विकास के लिए फ्रांस की आईएफडी बैंक से 100 मिलियन यूरो का लोन भी स्वीकृत कराया गया है।
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स्लम एरिया के लिए लायी गई योजना

एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने कहा कि शहरों को झुग्गी-झोपड़ी से मुक्ति दिलाने के लिए नई योजना लाई गई है, जिसमें स्लम एरिया में ईडब्ल्यूएस क्वार्टर्स के साथ उसकी लागत निकालने के लिए अन्य भवन भी बनाए जाएंगे।
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