अयोध्या में त्रेता युग जैसी दिवाली मनाई जा रही है। प्रतीकात्मक तौर पर आज भगवान श्रीराम 14 वर्षों का वनवास खत्म कर अयोध्या लौटे इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जय श्री राम के नारे गूंजते रहे। इसके बाद रामकथा पार्क में सीएम योगी ने गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाते हुए श्रीराम का राज्याभिषेक किया।
इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा-
- दुनिया को दिवाली देने वाली अयोध्या को हमेशा ही नकारात्मकता के साथ देखा जाता रहा है लेकिन अब अयोध्या उपेक्षित नहीं रहेगी।
- उन्होंने कहा कि आज के इस उत्सव के साथ ही हम प्रदेश को दुनिया के पर्यटन का केंद्र बनाने का प्रयास शुरू कर रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि अयोध्याा का विकास भी होगा और 133 करोड़ रुपये की योजनाओं से नगर का कायाकल्प भी होगा।
- उन्होंने कहा कि अयोध्या दुनिया के लिए मानवता का केंद्र है। इसे आशंका की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
- योगी ने कहा कि खुशहाली के लिए परंपराओं का सम्मान करना जरूरी है। आज इंडोनेशिया, थाइलैंड में रामलीला होती है। जबकि भारत में कुछ अलग होता है तो कुछ लोगों को बुरा लगने लगता है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक सशक्त भारत बनेगा। एक ऐसा भारत जो जातिवाद, संप्रदायवाद व नक्सलवाद से मुक्त होगा।
- योगी ने कहा कि मोदी का सपना है कि 2022 तक भारत के हर नागरिक के पास घर हो। हर घर में बिजली हो, शौचालय हो। यही रामराज्य है।
- योगी ने कहा कि जहां जाति के नाम पर, धर्म के नाम पर भेदभाव होता है वो रामराज्य नहीं रावणराज्य है।
इस मौके पर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने यूपी सरकार को ये कार्यक्रम आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि योगी सरकार में अयोध्याा का गौरव वापस लौटेगा।
अयोध्या में मनाई जा रही इस दिवाली के सियासी मतलब भी निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा इसी बहाने यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी सत्ता में आने के बाद भी हिंदुत्व व राम मंदिर को भूली नहीं है। इस कार्यक्रम को 2019 चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अयोध्या में आज वैसी ही दिवाली मनाई जा रही है जैसी त्रेता युग में भगवान राम के अयोध्या लौटने पर मनाई गई थी। त्रेता युग की तरह ही प्रभु राम के स्वागत की जीवंत प्रस्तुतियां होंगी। पूरी रामनगरी और सरयू के घाट दीपों से जगमगा उठेंगे।
सरयू के तट पर 1,71,000 दीप प्रज्ज्वलित कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराएंगे। अभी 1,50,000 दीप जलाने का है रिकॉर्ड। 3200 छात्र-छात्राओं का स्वयं सेवी समूह ये दीप जलाएगा।