लखनऊ। अनुदानित माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों से बिजली बिल, सीसीटीवी कैमरों व विकास संबंधी शुल्क भी लिया जाएगा। अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय प्रबंधक सभा उत्तर प्रदेश ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अगले सत्र से इसे लागू कर दिया जाएगा।
अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से अभी पढ़ाई का शुल्क लिया जा रहा है। लेकिन, निजी शिक्षण संस्थानों की तरह अब उनसे विद्यालय की अन्य सुविधाओं का भी शुल्क लिया जाएगा। विद्यालय प्रबंधक की ओर से जारी मांग पत्र के अनुसार, छात्रों के शुल्क खाते में विद्यालय के विकास शुल्क में 10 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। बिजली शुल्क 10 रुपये और सीसीटीवी कैमरो की मरम्मत के लिए 5 रुपये प्रति माह किए जाएंगे। इसी तरह प्रति छात्र के फीस शुल्क खाते में हर माह 25 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
शिक्षा मंत्री व अफसरों से प्रबंधक सभा को मिला आश्वासन
अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय प्रबंधक सभा के महामंत्री मनमोहन तिवारी ने बताया कि संगठन ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से इस संबंध में वार्ता की है। शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा और एडिशनल डायरेक्टर सुरेन्द्र तिवारी भी उपस्थित थे। सभी मांगों पर संगठन और मंत्री व उनके अधिकारियों के बीच सहमति बनी है। डीजी ने संगठन को आश्वस्त किया है कि सभी बिंदुओं पर जल्द कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
संगठन ने रखी मांग
आउटसोर्सिंग के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार विद्यालय देने की मांग संगठन ने की है। शिक्षकों के खाली पदों पर जब तक नई शिक्षक भर्ती नहीं हो रही है, मानदेय पर योग्य विद्यार्थियों को रखने का अधिकार प्राप्त हो। शिक्षक व कर्मचारियों को वेतन देने का अधिकार प्रबंधकों को मिले। बिना वजह शिक्षा अधिकारी का विद्यालय पर दखल न हो। विद्यालय को सोसायटी से ट्रस्ट में परिवर्तन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाए।
मांग पत्र पर हो रहा विचार
अनुदानित विद्यालय प्रबंधक सभा के मांग पत्र पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने, विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की फीस शुल्क, शिक्षक भर्ती व अन्य मांग की है।
- कंचन वर्मा, महानिदेशक- शिक्षा