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उन्नाव रेप केस: जो दस महीने में नहीं हुआ, सीबीआई ने दस घंटे में किया

Sat, 14 Apr 2018 08:46 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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CBI
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काश सीबीआई जैसी तेजी पुलिस ने भी दिखाई होती तो शायद सरकार की इतनी फजीहत न होती और आज उसे कटघरे में नहीं खड़ा होना पड़ता। जो एक्शन पुलिस दस महीने में नहीं ले पाई, वह सीबीआई ने चंद घंटों में कर दिखाया। हाल के दिनों में शायद ही सीबीआई ने किसी मामले में इतनी तेजी और फुर्ती दिखाई हो।

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घटनाक्रम पर गौर करें तो जितना समय प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच कराने का फैसला और केंद्र को सिफारिश भेजने में लगाया, उससे कहीं कम समय में सीबीआई ने न सिर्फ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की बल्कि छह-साढे़ छह घंटे के भीतर विधायक कुलदीप सेंगर को हिरासत में भी ले लिया।

दरअसल सरकार ने एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही सीबीआई जांच का फैसला कर लिया था। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार की ओर से इसकी सूचना भी दे दी गई, लेकिन जांच के लिए सिफारिश करने में 15 घंटे लगा दिए।

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इस तरह चला घटनाक्रम

दिन : बृहस्पतिवार 
दोपहर 03.00 बजे : राज्य सरकार ने केंद्र से सीबीआई जांच की सिफारिश की
शाम 05.00 बजे : केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने सीबीआई जांच के लिए जताई सहमति
शाम 07.00 बजे : डीओपीटी ने प्रक्रिया पूरी करते हुए सीबीआई जांच की अधिसूचना जारी कर दी
रात 09.30 बजे : सीबीआई के एसपी राघवेंद्र वत्स लखनऊ पहुंच गए
रात 10.00-11.00 बजे : एसआईटी रिपोर्ट और उन्नाव में दर्ज मुकदमों के आधार पर सीबीआई ने अपने यहां तीन मुकदमे दर्ज किए
रात 01.00 बजे : सीबीआई के एसपी राघवेंद्र वत्स लखनऊ के एसएसपी से मिलने पहुंचे और विधायक को हिरासत में लेने के लिए मदद मांगी
देर रात 02.00 बजे : लखनऊ रेंज के आईजी सुजीत पांडेय भी एसएसपी आवास पहुंचे

दिन : शुक्रवार
तड़के 04.00 बजे : सीबीआई की एक टीम उन्नाव के लिए रवाना की गई
तड़के 04.30 बजे : विधायक को लखनऊ में इंदिरानगर स्थित आवास से हिरासत में ले लिया गया
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