पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के दौरान यूपी लोक सेवा आयोग से लगभग 20 हजार भर्तियां हुई थीं। इसमें पीसीएस अधिकारी से लेकर डॉक्टर और इंजीनियर के पद शामिल थे।
आरोप है कि यह नौकरियां सिर्फ एक खास वर्ग के लोगों को दी गईं। इससे जुड़े लगभग 700 मामले प्रदेश की विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। जिन्हें देखते हुए प्रदेश सरकार ने जांच सीबीआई का फैसला किया था।