सीबीई ने उन्नाव गैंगरेप प्रकरण में गिरफ्तार किए गए माखी थाने के तत्कालीन इंचार्ज अशोक सिंह भदौरिया और दरोगा कामता प्रसाद सिंह से पूछताछ शुरू कर दी है।
जांच एजेंसी ने बृहस्पतिवार को इनकी तीन दिन की रिमांड हासिल कर ली थी। इनसे हासिल जानकारी का सच्चाई परखने के लिए सीबीआई आरोपियों के फोन की काल डिटेल भी हासिल की है।
रिमांड की अवधि शुक्रवार सुबह दस बजे से शुरू हुई। इनसे सीबीआई ने कई पारियों में पूछताछ की। पूछताछ का खास मुद्दा यह था कि उन दोनों ने किसके कहने पर आरोपियों की मदद की।
यह भी पूछा गया कि पीड़िता के पिता की हत्या की कोशिश में उनकी क्या संलिप्तता थी। मामले की लीपापोती करने के लिए कौन-कौन अधिकारी उन पर दबाव डाल रहे थे। इसके चलते इस मामले में आरोपियों को बचाने के लिए उन्होंने क्या-क्या कोशिश की।
सीबीआई का मानना है कि दोनों ही दरोगाओं के आरोपियों या पीड़ित पक्ष से कोई करीबी संबंध नहीं है। ऐसे में इस गंभीर प्रकरण में उनके द्वारा जो रवैया अख्तियार किया गया उसकी वजह किसी का दबाव ही हो सकता है।
इसी वजह से सीबीआई दोनों पुलिस कर्मियों के फोन की काल डिटेल भी हासिल कर चुकी है जिसमें यह देखा जा कहा है कि आरोप लगने के बाद किस-किस अधिकारी ने कब और कितनी बार उनसे बात की।
यह भी देखा जा रही है कि इन दोनो ने किस-किस अधिकारी को इस दौरान अपनी तरफ से फोन किया। सीबीआई का पूछताछ देर शाम तक जारी रही। सीबीआई इन्हें शनिवार को अपने साथ उन्नाव भी ले जाने पर विचार कर रही है।