कहीं सीबीआई जांच की आंच में न आ जाएं बड़े खिलाड़ी
पहले भी धरे जा चुके हैं कई बड़े अफसर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के इंजीनियरों का भ्रष्टाचार से पुराना नाता रहा है। लेकिन अब कॉमर्शियल विभाग के अफसरों तक भी सीबीआई जांच की आंच पहुंचेगी। कॉमर्शियल विभाग के ठेकों को लेकर भी शिकायतें हुई हैं।
हाल ही में सीबीआई ने उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल डीआरएम कार्यालय स्थित गतिशक्ति यूनिट में भ्रष्टाचार के ऐसे ही मामले को उजागर किया है। जबकि उससे पूर्व निर्माण संगठन के डिप्टी चीफ इंजीनियर अरुण कुमार मित्तल को रिश्वत लेते पकड़ा जा चुका है। इसके बाद कैरिज एंड वैगन व अन्य विभागों में भी इंजीनियर धरे गए। लेकिन अब जांच की सुई कॉमर्शियल विभाग की ओर मुड़ रही है। इसकी वजह साफ है। सूत्र बताते हैं कि चारबाग रेलवे स्टेशन के पार्किंग ठेकों को लेकर वायरल हुआ ऑडियो सीबीआई तक पहुंचाया गया है। इसमें दस लाख रुपये के लेनदेन की बात बताई जा रही है। ऐसे ही मंडल में कराए जा रहे निर्माण कार्यों, स्टेशन अपग्रेडेशन, ट्रैक रिन्यूवल आदि कार्यों की जांच पर भी सीबीआई की नजर है।
तीन साल में हुए कामों की होगी जांच
सूत्र बताते हैं कि कॉमर्शियल विभाग में पिछले तीन साल में हुए टेंडरों व निर्माण कार्यों की जांच होगी। इसके लिए फाइलों की पड़ताल की जाएगी। इसके अतिरिक्त अमृत स्टेशन स्कीम के तहत हो रहे कार्यों की भी जांच होगी। अफसर इसे लेकर सकते में आ गए हैं।
तलब किए जा सकते हैं कई अफसर
सूत्रों ने बताया कि मंडल के कुछ अफसरों को तलब किया जा सकता है। माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार की परत काफी अंदर तक है और लंबे समय से खेल चल रहा है। पूछताछ में अभी कई और खुलासे हो सकते हैं।