हेलो... सीएमओ साहब... मैं जस्टिस सिन्हा बोल रहा हूं। मैने शहीद पथ स्थित एशिया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर बंद करने का आदेश दिया था। उसे तत्काल बंद करवा दें। आदेश मेल पर आपको व डीएम साहब को भेजा गया है।
जिलाधिकारी लखनऊ की मेल आईडी से जज की मेल आईडी से जारी पत्र आया। संदेह होने पर सीएमओ ने रजिस्ट्रार व सीनियर रजिस्ट्रार से बात की और पड़ताल कराई।
तो सच्चाई सामने आई कि जज साहब ने कोई ऐसा आदेश नहीं किया है। फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर सीएमओ ने अधिकारियों को पूरी सूचना दी। इसके बाद वजीरगंज थाने में कॉल करने वाले जालसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
प्रभारी निरीक्षक वजीरगंज राजकिशोर पांडेय के मुताबिक, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार है। सीएमओ डॉ. मनोज कुमार के मुताबिक 15 अप्रैल की दोपहर 12.58 बजे 8545928877 से उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉलर ने खुद को जस्टिस सिन्हा बताया।
कहा कि लखनऊ शहीद पथ स्थित एशिया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर को तत्काल बंद करने का आदेश उनके द्वारा जारी किया गया था। लिहाजा तत्काल अस्पताल का संचालन बंद करा दें।
यह भी कहा कि आपको व जिलाधिकारी को आदेश का मेल भेजा गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने मेल चेक किया तो कोई मेल नहीं था।
कोई आदेश जारी नहीं हुआ था हाईकोर्ट
इसके बाद जिलाधिकारी के मेल से 15 अप्रैल 12.21 बजे को एक मेल आया। जो कि खुद जस्टिस बने जालसाज ने उनके नाम से फर्जी आईडी बनाई थी। यह देख मुख्य चिकित्साधिकारी ने लखनऊ खंडपीठ के रजिस्ट्रार व सीनियर रजिस्ट्रार से बात की तो पता चला कि ऐसा कोई भी आदेश न्यायमूर्ति द्वारा जारी नहीं किया था। मुख्य चिकित्साधिकारी ने जाली आदेश की जानकारी सभी अधिकारियों को दी। उनका कहना है कि जालसाज ने जाली आदेश सभी अधिकारियों को भेजा गया था।
फर्जी आदेश पर अस्पताल बंद कराने का बनाया दबाव
सीएमओ डॉ. मनोज कुमार ने इसकी शिकायत वजीरगंज पुलिस से की। सीएमओ के मुताबिक जस्टिस बनकर कॉल करने के साथ ही जाली आदेश भेजकर अस्पताल बंद करवाने का दबाव बनाया गया है। वजीरगंज पुलिस ने तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी, कॉल कर धमकी सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर ली है। प्रभारी निरीक्षक राजकिशोर पांडेय के मुताबिक, सीएमओ की ओर से एक मोबाइल नंबर व मेल आईडी मुहैया कराई गई है। सर्विलांस व साइबर सेल की मदद से पड़ताल की जा रही है।