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यूरोप में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 300 लोगों से लाखों की ठगी, वीजा लेने पहुंचे सामने आया सच

Sat, 15 Dec 2018 12:29 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पीड़ित युवकों की तहरीर पर हजरतगंज कोतवाली में कंपनी के खिलाफ केस दर्ज - फोटो : amar ujala
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यूरोप में नौकरी दिलाने के नाम पर लखनऊ में हजरतगंज की कंपनी ने करीब 300 बेरोजगारों से करोड़ों रुपये ठग लिए। हर युवक से 80 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की रकम ऐंठी गई। इसके बाद कंपनी इनके पासपोर्ट भी जमा कराकर भाग गई। 

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युवक जब वीजा, टिकट लेने पहुंचे तो कंपनी के ऑफिस पर ताला देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद वे हजरतगंज कोतवाली पहुंचे। 118 लोगों के हस्ताक्षर वाली तहरीर पर पुलिस ने जालसाजी का केस दर्ज कर लिया।

पीड़ित गोरखपुर के महाराजगंज, देवरिया और बिहार के हैं। हजरतगंज  प्रभारी निरीक्षक राधा रमण सिंह के मुताबिक हबीबुल्लाह स्टेट में एसएस इंटरनेशनल कंपनी है। इसने यूरोप और खाड़ी देशों में मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने का दावा करते हुए विज्ञापन निकाले।
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इसके बाद संपर्क करने वाले सैकड़ों युवकों को ऑफिस बुलाकर प्रक्रिया समझाई। सभी से जरूरी दस्तावेज भी मांगे। युवकों ने पासपोर्ट भी जमा करा दिया। इसके लिए तर्क दिया गया कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद वीजा और टिकट के  लिए पासपोर्ट जरूरी है।

मेडिकल और अनुबंध पत्र के नाम पर वसूली

कंपनी के खिलाफ केस दर्ज - फोटो : amar ujala
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक कंपनी ने सबसे पहले पांच हजार रुपये लेकर मेेडिकल कराया। कुछ समय बाद उन्हें बताया गया कि कंपनी ने अनुबंध पत्र भेजा है, जिस पर उन्हें हस्ताक्षर कर सहमति देनी होगी। इसके लिए युवकों को लखनऊ बुलाया गया।

कंपनी के कार्यालय पहुंचने पर अनुबंध पत्र पर दस्तखत कराकर इसके 25 हजार रुपये और वसूले गए। फिर 25 हजार रुपये और मांगे। बची रकम वीजा और टिकट देते समय जमा करने को कहा। झांसे में आए बेरोजगारों ने रकम देनेे के साथ पासपोर्ट भी जमा करा लिया।

12 से 17 दिसंबर के बीच वीजा और टिकट देने की कही गई। एसएन शाही के मुताबिक कंपनी ने उन्हें भी इन दिनों वीजा और टिकट देने के लिए बुलाया। पीड़ित विनय गुप्ता के मुताबिक करोड़ों रुपये ऐंठने के बाद एसएस इंटरनेशनल कंपनी ने 12 दिसंबर को अपना कार्यालय बंद कर दिया।

कर्मचारी भी गायब हैं। बृहस्पतिवार 13 दिसंबर को दर्जनों युवक टिकट, वीजा और पासपोर्ट लेने कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो ठगी का पता चला। उन्होंने साथियों से संपर्क कर इसकी जानकारी दी। शुक्रवार को दर्जनों बेरोजगार कंपनी के कार्यालय और फिर हजरतगंज थाने पहुंचे।
 
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एक लाख रुपये तक लिए नौजवानों से

- फोटो : डेमो
गोरखपुर के एसएन शाही के मुताबिक कुछ माह पहले उन्हें इस कंपनी के बारे में जानकारी मिली। अक्तूबर में वह लखनऊ आए और कंपनी के कार्यालय पहुंचे। पता चला कि कंपनी अलमीनिया नाम के देश मेें नौकरी दिला रही है।

शाही को फोरमैन की नौकरी के एवज में 80 हजार से एक लाख रुपये मांगे गए। इस पर उन्होंने हामी भर दी। ठगी के शिकार युवकों का कहना है कंपनी न सिर्फ  उनके रुपये बल्कि पासपोर्ट भी ले गई। ऐसे में वे दूसरी जगह आवेदन भी नहीं कर सकते।

हजरतगंज प्रभारी निरीक्षक राधा रमण सिंह के मुताबिक एसएस इंटरनेशनल कंपनी के खिलाफ  धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। थाने पर टिंकू सिंह, इंदल, रमेश सिंह, महताब खान, विजय, श्याम सुंदर, सचिन राय, अमरनाथ, मोहम्मद अली, विनय गुप्ता, देवीलाल गुप्ता, धनंजय कुमार समेत सैकड़ों युवक जुटे थे।
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