राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग के वरिष्ठ तकनीशियन चंद्र भूषण उपाध्याय के खिलाफ भी विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज किया है। अभी चार अन्य पर भी इस तरह के केस दर्ज होने की उम्मीद है।
वर्ष 2023 में हुए आंदोलन में हिस्सा लेने वाले विभिन्न संगठनों के नेताओं के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू की गई थी। निजीकरण आंदोलन ने जोर पकड़ा तो उस फाइल को खोल दिया गया है। अभियंता संघ के महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर और जूनियर अभियंता संघ के पूर्व अध्यक्ष जय प्रकाश के खिलाफ दो दिन पहले विजिलेंस ने रिपोर्ट दर्ज किया था।
41 लाख रुपये की अघोषित संपत्तियों का खुलासा
सोमवार को प्राविधिक कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रभूषण उपाध्याय के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विजिलेंस ने दो वर्ष पूर्व शासन के आदेश पर उनकी चल-अचल संपत्तियों की गोपनीय जांच शुरू की थी। इसमें उनकी 41 लाख रुपये की अघोषित संपत्तियों का खुलासा हुआ था। शासन के आदेश पर अब उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जाएगी। अभी चार अन्य अभियंताओं के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज होने की उम्मीद है।