सतर्कता अधिष्ठान द्वारा शासन को भेजी गई आख्या में बताया गया कि कुलपति द्वारा क्रम संख्या-3 पर चयनित अभ्यर्थी के नाम के स्थान पर सफेदा लगाकर उसमें काली स्याही वाली पेन से डॉ. प्रमोद कुमार का नाम अंकित कर दिया गया।
काली स्याही वाली पेन से कूट रचना करके आपराधिक षड्यंत्र रचकर उसी विज्ञप्ति पर 17 अगस्त 2004 को क्रमश: डॉ. अरविंद कुमार सिंह एवं डॉ. रूद्र प्रताप सिंह को नियुक्ति पत्र जारी कर दी गई। 27 दिसंबर 2008 को कूट रचना करके अंकित किए गए गैर चयनित डॉ. प्रमोद कुमार को भी नियुक्ति पत्र जारी कर दिया।