सीबीआई का कहना है कि उनकी इस आय-व्यय के ब्यौरे में शारदानगर, लखनऊ में भवन निर्माण और दोनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर खर्च हुई राशि को नहीं जोड़ा गया है, क्योंकि इस व्यय से संबंधित कोई भी दस्तावेज हाथ नहीं लगे। अगर इस व्यय को भी जोड़ा जाता तो यह संपत्ति और अधिक बनती।