मायाराज में अंबेडकर स्मारकों के निर्माण में 14.10 अरब रुपये के हुए घोटाले में प्रदेश सरकार ने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा सहित 19 लोगों के खिलाफ विजिलेंस को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
लोक आयुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने राजधानी लखनऊ और नोएडा में बने इन स्मारकों के घोटाले में पूर्व मंत्रियों सहित 199 लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार को मई में रिपोर्ट सौंपी थी।
उन्होंने सरकार को तीन महीने में कार्रवाई से अवगत कराने को कहा था।
गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक बीते दिनों सरकार ने विजिलेंस को एफआईआर कराने का आदेश दे दिया। विजिलेंस ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है।
लोक आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबूसिंह कुशवाहा समेत एक विधायक, दो पूर्व विधायक, दो वकील, खनन विभाग के पांच अधिकारी, राजकीय निर्माण निगम के 57 इंजीनियर व 37 लेखाकार, एलडीए के पांच इंजीनियर, पत्थरों की आपूर्ति करने वाली 60 फर्मों व 20 कंसोर्टियम प्रमुख व आठ बिचौलियों को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई किए जाने की सिफारिश की थी।
नसीमुद्दीन और बाबूसिंह कुशवाहा सहित राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन एमडी सीपी सिंह, खनन के तत्कालीन संयुक्त निदेशक सुहैल अहमद फारूखी, अपर परियोजना प्रबंधक राकेश चंद्रा, इंजीनियर एसके सक्सेना, केआर सिंह, राजीव गर्ग, एसपी गुप्ता, पीके जैन, एसके अग्रवाल, आरके सिंह, बीडी त्रिपाठी, मुकेश कुमार, हीरालाल, एसके चौबे, एसपी सिंह, मुरली मनोहर, एसके शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की गई थी।