केजीएमयू में एक नवजात ने इलाज न मिलने के कारण जन्म के 48 घंटे बाद दम तोड़ दिया। पीलिया की शिकायत के बाद गांधी वार्ड में भर्ती निगोहां की मीरा गुप्ता (28) ने शनिवार को अचानक प्रसव पीड़ा के बाद शौचालय में एक बच्ची को जन्म दे दिया।
इस दौरान नवजात सीधे पॉट में गिर गई। मरीज की देवरानी ने बच्ची को उठाया लेकिन डॉक्टरों ने हाथ नहीं लगाया और करीब 48 घंटे बाद बच्ची ने वार्ड में दम तोड़ दिया।
डॉक्टर अपनी लापरवाही छुपाने के लिए इस बात पर अड़े रहे कि ये लिख कर दो की मरीज को आज भर्ती किया है जिससे उनसे पूछताछ न हो सके। नवजात की मौत के आठ घंटे बाद भी उसका शव वार्ड में ही पड़ा रहा लेकिन मृत प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया।
नवजात की मौत के बाद भी उसका शव रात करीब दस बजे तक वार्ड में ही पड़ा रहा। परिवारीजनों का आरोप था कि डॉक्टरों ने प्रसव के बाद भी उसे क्वीन मेरी नहीं भेजा जिससे बच्ची की देखरेख नहीं हो सकी और न ही किसी डॉक्टर को बुलाया।
डॉक्टर अपनी गलती छुपाने के लिए उनसे जोर जबरदस्ती कर रहे हैं और रात दस बजे तक मृत प्रमाण पत्र तक नहीं दिया।