छठे चरण की 18 लोकसभा सीटों के लिए शनिवार को दो प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस लिए हैं। इनमें मिर्जापुर व वाराणसी का एक-एक प्रत्याशी शामिल है।
ऐसे में अब 342 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। 28 अप्रैल को नाम वापसी का अंतिम दिन है। इस दिन शाम को छठे चरण के चुनाव की असली तस्वीर साफ हो जाएगी।
छठे चरण के लिए कल भी 111 नामांकन रद्द किये गए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया कि छठे चरण के लिए 17 से 24 अप्रैल के बीच नामांकन पत्र भरे गए।
इस दौरान कुल 456 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल किए। शुक्रवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई।
यहां के नामांकन हुए रद्द
इसमें 111 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। नामांकन पत्रों की जांच में डुमरियागंज से चार, गोरखपुर से तीन, कुशीनगर से पांच, देवरिया से 14 नामांकन रद्द हुए।
इसके अलावा बासगांव से छह, लालगंज से दो, आजमगढ़ से 10, घोसी से तीन, सलेमपुर से छह, बलिया से पांच, जौनपुर से एक, मछलीशहर से 11, गाजीपुर से दो नामांकन खारिज हुए।
वहीं चन्दौली से चार, वाराणसी से 34 तथा मिर्जापुर से एक प्रत्याशी का नामांकन निरस्त हुआ है।
456 ने किया नामांकन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया कि नामांकन के अंतिम दिन डुमरियागंज से छह, महाराजगंज से पांच, गोरखपुर से तीन, कुशीनगर से चार, देवरिया से नौ, बांसगांव से पांच, लालगंज से पांच पर्चे दाखिल किये गए।
वहीं आजमगढ़ से 10, घोसी से 12, सलेमपुर से तीन, बलिया से सात, जौनपुर से आठ, मछलीशहर से 10, गाजीपुर से सात, चंदौली से छह, वाराणसी से 38, मिर्जापुर से 10 व राबर्ट्सगंज से तीन नेताओं ने पर्चे दाखिल किए।
वाराणसी में अब तक 78 प्रत्याशी डट चुके हैं। अगर सभी 18 सीटों को देखा जाए तो कुल 456 प्रत्याशी मैदान में आ गए हैं। गोरखपुर से बसपा प्रत्याशी सदल प्रसाद ने भी गुरुवार को ही पर्चा भरा।