हर बार की तरह इस बार भी यूपी बोर्ड आधी-अधूरी तैयारियों के बीच प्रैक्टिकल परीक्षाओं का आगाज कराने जा रहा है। 15 दिसंबर से शुरू हो रहे प्रैक्टिकल को लेकर विद्यालय पूरी तरह से अनजान हैं। उन्हें न तो परीक्षकों के बारे में कोई जानकारी है और न ही बुधवार शाम तक छात्रों के नॉमिनल रोल ही मिल पाए थे।
ऐसे में प्रयोगात्मक परीक्षाएं समय पर कैसे होंगी, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह के अनुसार, सभी विद्यालयों को 15 से 29 दिसंबर के बीच अपने-अपने विद्यालयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, विद्यालयों के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि उन्हें न तो परीक्षा कराने के लिए परीक्षक के बारे में कोई जानकारी है और न ही छात्रों के नॉमिनल रोल नंबर की। परीक्षकों का ब्यौरा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा और बोर्ड जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को परीक्षकों की सूची भेजेगा। इसके बाद परीक्षा कार्यालय सूची को संबंधित विद्यालयों को भेजेगा।
जनपद में कई विद्यालयों में लैब की हालत खस्ता है। यहां प्रयोगात्मक परीक्षाएं नहीं कराई जा सकतीं। लखनऊ इंटरमीडिएट स्कूल, हरीचंद इंटर कॉलेज, इंडस्ट्रियल इंटर कॉलेज समेत कई विद्यालय इसी श्रेणी में आते हैं