डॉ. शर्मा ने घोषणा की कि राजकीय शिक्षकों के अवकाश अब मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकृत किए जाएंगे। इसे अब संयुक्त शिक्षा निदेशक स्वीकृत करेंगे। वित्तविहीन विद्यालयों के अंशकालिक शिक्षकों की परिलब्धियों का भुगतान प्रबंध तंत्र द्वारा संबंधित के खाते में कराया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने बताया कि राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालय के शिक्षकों की शिकायतों का निस्तारण भी ऑनलाइन होगा। उन्हें विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय के शिक्षकों को ग्रेच्युटी दी जाएगी। राजकीय व शासकीय महाविद्यालयों में नियमित शिक्षक पीएचडी कर सकेंगे। स्ववित्तपोषित कॉलेजों के उन शिक्षकों, जिनकी मृत्यु कोविड की वजह से हुई, उन्हें सहायता देने पर भी विचार चल रहा है।