लखनऊ विश्वविद्यालय में 32 साल बाद परीक्षा खत्म होने के महज 12वें दिन रिजल्ट जारी कर दिया गया। शैक्षिक पलायन रोकने के लिए दो के बजाय ऑनर्स के आठ कोर्स शुरू किये गए। मूल्यांकन प्रणाली में सुधार के लिए बार कोड वाली कॉपियां का उपयोग शुरू किया गया।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर पांच महीने का कार्यकाल पूरा करने के बाद प्रो. एसपी सिंह ने प्रेसवार्ता में इस तरह की कई उपलब्धियां गिनाईं। दूसरी तरफ पिछले कई साल से चर्चा केेंद्र में रहने वाले वाई-फाई कैंपस, ऑनलाइन डिग्री और सौ फीसदी नियमित कक्षाओं जैसे सवालों पर उन्होंने अभी इंतजार करने की बात कही।
कुलपति ने बताया कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सिलेबस तैयार करने में इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ ही मेधावी स्टूडेंट्स को भी शामिल किया है। अंग्रेजी और सोशल वर्क के साथ ही ऑनर्स के छह और कोर्स शुरू किए हैं।
रिजल्ट जारी करने में तेजी आई है। बीकॉम तृतीय वर्ष का रिजल्ट आ चुका है। वहीं इंग्लिश ऑनर्स और बीएससी जेडबीसी का रिजल्ट तैयार हो चुका है। पीजी में सीट बढ़ाने, पीजी दाखिले प्रवेश परीक्षा से करने, प्रवेश परीक्षा में विस्तृत उत्तरीय सवाल पूछने और मूल्यांकन प्रणाली में सुधार के तहत एक कॉपी तीन लोगों से जंचवाने की व्यवस्था को उन्होंने अपनी उपलब्धियों में गिनाया।