लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन 20 करोड़ रुपये से अपनी इंजीनियरिंग फैकल्टी का विस्तार करेगा। वर्तमान क्षमता के दोगुना इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की तैयारी है। यह पैसा स्वीकृत हो गया है, जल्द ही इसका काम शुरू किया जाएगा।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन एमटेक की पढ़ाई भी शुरू करने की तैयारी में है। हालांकि अभी इसमें एक साल का समय लगेगा। विश्वविद्यालय ने पिछले सत्र 2017-18 से बीटेक का कोर्स शुरू किया था। न्यू कैंपस में इंजीनियरिंग फैकल्टी की शुरुआत हुई थी। 300 विद्यार्थियों का प्रवेश लिया गया, मगर इंफ्रास्ट्रक्चर 600 विद्यार्थियों के हिसाब से तैयार किया गया था।
यहां 10 क्लास रूम और लैब तैयार की गई थी, जिसमें पहले सेमेस्टर की पढ़ाई व प्रैक्टिकल हुए। अब विवि लगभग इतनी ही क्षमता का और संसाधन विकसित करने जा रहा है। इसके बाद इस पूरे बैच (चार साल) के लिए संसाधन उपलब्ध हो जाएंगे।
समन्वयक फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग डॉ. आरएस गुप्ता ने बताया कि नया इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होने के बाद हम तीन विभाग कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन व उनकी लैब नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर देंगे। इससे संसाधनों का बेहतर प्रयोग होगा और जगह की कमी भी नहीं पड़ेगी। अन्य तीन विभाग पुरानी बिल्डिंग में चलेंगे।
नए सत्र में गर्ल्स हॉस्टल तैयार
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समन्वयक डॉ. गुप्ता ने बताया कि यहां गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। दो-तीन महीने में यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। नए सत्र से इसे छात्राओं को अलॉट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुरुष छात्रावास के लिए भी पैसा स्वीकृत हो गया है। जल्द इसका भी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसका काम भी जल्द पूरा करने का लक्ष्य है ताकि नए सत्र में छात्रों को भी यह सुविधा मिल सके।
यहां कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, पांच ब्रांच में पढ़ाई शुरू हुई थी। सभी में 60-60 कुल 300 सीटें हैं। पिछले साल ही यहां प्रवेश के लिए काफी मारामारी हुई थी। प्रवेश राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) के माध्यम से हुए थे।
प्रो. एसपी सिंह, कुलपति ने बताया फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के विस्तारीकरण के लिए 20 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। काम जल्द शुरू होगा और जून 2019 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इसमें बिल्डिंग, क्लास रूम व लैब बनना है। इसके पूरा होने के साथ ही हम एमटेक कोर्स भी शुरू करेंगे। हमारी कोशिश बेहतर शिक्षा, सुविधा और फैकल्टी देने की है।