डीएवी पीजी कॉलेज में तीन साल बाद फिर से एलएलबी की पढ़ाई शुरू होगी। वर्ष 2013-14 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने शिक्षकों की कमी की चलते यहां एलएलबी की पढ़ाई पर रोक लगा दी थी। पिछले सप्ताह शिक्षकों की नियुक्ति के बाद बीसीआई की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण कर लिया है।
उम्मीद है कि इसी महीने बीसीआई से अनुमति मिल जाएगी। इसी आधार पर एक अगस्त से फिर आवेदन फॉर्म जारी कर एलएलबी की 320 रेग्युलर सीटों पर दाखिले करने की तैयारी है।
यूपी के सबसे पुराने इस कॉलेज में विधि विभाग में शिक्षकों के सात स्थायी पद हैं। साल दर साल शिक्षक रिटायर होेते रहे, लेकिन भर्ती नहीं हुई। इसी कारण बीसीआई ने कॉलेज में एलएलबी की पढ़ाई पर रोक लगा दी थी। गाइडलाइन के अनुसार एलएलबी में 60 छात्र पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है।
कॉलेज में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी, जो कोर्ट पहुंच गई। कुछ दिन पहले हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर लगा स्टे हटा लिया है। इस तरह से कॉलेज में तीन शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
बाकी के पदों पर भर्ती करने के लिए कॉलेज की तरफ से आयोग को पत्र भेजा गया है। कॉलेज प्राचार्य केके पांडेय के अनुसार, इस महीने के आखिर तक बीसीआई की अनुमति आने की संभावना है। इसलिए एक अगस्त से आवेदन फॉर्म जारी करने की तैयारी हैं।