डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि (एकेटीयू) के घटक संस्थान आईईटी लखनऊ को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा शैक्षिक स्वायत्तता प्रदान की गई है। संस्थान को पांच वर्षों के लिए शैक्षिक स्वायत्तता प्रदान की गई है। पिछले तीन वर्षों से शैक्षिक स्वायत्तता स्थगित चल रही थी। स्वीकृति मिलने के बाद दो वर्ष तक स्वायत्ता बनी रहेगी। इसके तहत पाठ्यक्रम तय करने से लेकर परीक्षा कराने तक की स्वायत्तता रहती है। इससे संस्थान की शैक्षिणिक गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा।
यूजीसी द्वारा शैक्षिक स्वायत्तता दिए जाने पर एकेटीयू के कुलपति और संस्थान के निदेशक प्रो. विनीत कंसल ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि आईईटी में गुणवत्तापूर्ण प्राविधिक शिक्षा की सुश्चितता के लिए प्रतिबद्घता से कार्य किया जा रहा है। छात्र-शिक्षक अनुपात को मानक के अनुसार लाने के लिए भरपूर प्रयास किया गया। उन्होंने संस्थान की पांच ब्रांचों को एनबीए से एक्रीडिशन प्राप्त है। शैक्षिक स्वायत्तता मिलने से संस्थान अकादमिक स्तर पर प्रयोग गुणवत्तापूर्ण प्रयोग करने की छूट रहेगी। च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू कर सकते हैं, अपने स्तर से सब्जेक्ट कॉंबिनेशन भी लागू कर सके हैं। साथ ही परीक्षा का प्रारूप अपने स्तर से तय करने के साथ परीक्षा कराना और खुद ही कॉपियां जंचवा कर रिजल्ट भी जारी कर सकते हैं।