प्रदेश सरकार ने मल्टी टोन हॉर्न लगाने वालों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
यानी अब जिनकी गाड़ियों में भी हूटर व मल्टी टोन हॉर्न लगा हुआ पाया जाएगा उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय गुरुवार को गृह व परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों की बैठक में लिया गया। इसी के बाद प्रमुख सचिव परिवहन ने परिवहन आयुक्त को इस पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं लाल-नीली बत्तियों की बिक्री पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगाने की तैयारी हो गई है। इसके लिए सरकार ने परिवहन आयुक्त, ट्रेड टैक्स कमिश्नर व एडीजी ट्रैफिक की तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है।
यह कमेटी इन बत्तियों की बिक्री किस प्रकार प्रतिबंधित की जाए इस पर नियम-कानून बनाएगी। अभी प्रदेश के कई शहरों में आसानी से बाजार में लाल-नीली बत्तियां मिल जाती हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों लाल-नीली बत्तियों की संख्या कम करने के निर्देश दिए थे। इसमें मल्टी टोन हॉर्न के प्रयोग पर भी पाबंदी लगाने की बात कही थी।
इसी के बाद गुरुवार को यह उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि लाल-नीली बत्ती के विषय में सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने का समय दिया है।
इसी समय सीमा में न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जबकि मल्टी टोन हॉर्न पर एक महीने का ही समय शीर्ष न्यायालय ने दिया था।
प्रमुख सचिव परिवहन बीएस भुल्लर ने बताया कि यूपी में मल्टी टोन हॉर्न लगाना पहले से मना है। इसके बावजूद जो लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव परिवहन ने परिवहन आयुक्त को तत्काल इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव गृह बीएस भुल्लर, परिवहन आयुक्त रजनीश गुप्ता, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मुकुल गोयल, डीजीपी रिजवान अहमद आदि उपस्थित थे।