लखनऊ। मां को आवाज देने के बाद प्रॉपर्टी डीलर ने तमंचे से खुद को गोली मार ली। आननफानन परिजन उनको लोहिया अस्पताल ले गए, वहां उनकी मौत हो गई। आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल सका है। हादसे से पूरा परिवार सदमे में है।
लखीमपुर खीरी के धरौरा निवासी राघवेंद्र सिंह उर्फ मोनू (28) गोमतीनगर विस्तार के गीतापुरी में किराये के मकान में परिवार संग रहते थे। वह प्रॉपर्टी का काम करते थे। उनका दफ्तर हैनीमैन चौराहे पर था। उनके भाई शिवांशु के मुताबिक बृहस्पतिवार रात करीब 11.30 बजे राघवेंद्र सो कर उठे। खाना खाने के बाद टहलने चले गए। थोड़ी देर बाद लौटे और मां आरती देवी को आवाज दी। इसके बाद राघवेंद्र ने सीने की बायीं ओर तमंचा सटाकर गोली मार ली। आवाज सुनकर गेट पर पहुंची मां और भाभी स्नेहलता की चीख निकल गई।
शिवांशु ने बताया कि भाई चार दिनों से घर पर ही थे। कारण पूछने पर तबीयत खराब होने की बात कही थी। वहीं, उनके दोस्त ने बताया कि घटना के दिन सुबह आठ बजे राघवेंद्र से मोबाइल पर बात हुई थी। उसने मिलने आने की बात कही थी। राघवेंद्र एक हफ्ते पहले सीतापुर गए भी थे।
खीरी से लाए थे तमंचा
इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार सुधीर अवस्थी के मुताबिक परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले राघवेंद्र खीरी से तमंचा लेकर आए थे। वहीं शिवांशु का कहना है कि भाई के पास तमंचा कहां से आया और कब लाए इस बारे में जानकारी नहीं है। इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर नशे की गोली खाने के आदी थे। गोलियां खत्म होने पर वह आपा खो देते थे। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।