याचिका में प्राधिकरणों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी कोर्ट की निगरानी में ईडी और सीबीआई से जांच के निर्देश देने का आग्रह किया गया है। याची ने अर्जी दाखिल कर कैग को मामले में बतौर पक्षकार बनाने का आग्रह किया। इस पर प्रतिपक्षी वकीलों ने कोई आपत्ति नहीं की और कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर ली। साथ ही याची को तीन हफ्ते में कैग को पक्षकार बनाने संबंधी संशोधन याचिका में करने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि पक्षकार बनाए जाने की दशा में कैग को नोटिस जारी किया जाएगा। वह इस केस में प्रतिवादी नंबर-7 होगा।
उधर, सुनवाई के समय राज्य सरकार व पक्षकारों के अधिवक्ता पेश हुए। कोर्ट ने मामले में इससे पहले राज्य सरकार समेत प्राधिकरणों को पक्ष पेश करने का आदेश दिया था। अदालत ने याचिका को 16 अगस्त से शुरू होने वाले हफ्ते में सूचीबद्ध करने को कहा है।