लखनऊ। दिल्ली में हुई गणतंत्र दिवस परेड में शामिल एनसीसी कैडेटों का बृहस्पतिवार को राजभवन में सम्मान हुआ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इन्हें स्वर्ण व रजत पदक से नवाजा। मौके पर कैडेटों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दीं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ग्रुप को एनसीसी बैनर देकर उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहाकि एनसीसी कैडेटों का अनुशासन, देशभक्ति व कर्तव्यपरायणता सराहनीय है। कैडेट समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आएं। खुशी की बात है कि कैडेटों की संख्या 20 लाख पहुंच गई है, जिनमें आठ लाख बालिकाएं हैं।
राज्यपाल ने कहा कि बीते वर्षों में एनसीसी का दायरा सीमावर्ती तथा तटीय क्षेत्रों तक बढ़ाया गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन है, जो युवाओं को नेतृत्व, राष्ट्रसेवा और अनुशासन का प्रशिक्षण देता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए ‘पांच प्रण‘ की चर्चा करते हुए कहा कि हर भारतीय को विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस शिविर में यूपी के 127 एनसीसी कैडेटों ने हिस्सा लिया था। यूपी एनसीसी निदेशालय की 14 बालिका तथा 11 बालक कैडेटों ने भाग लिया था। इस दौरान गार्ड ऑफ ऑनर के लिए आठ एनसीसी कैडेटों का चयन किया गया था। इनमें सीनियर डिविजन एवं सीनियर विंग के पांच-पांच बालक कैडेट शामिल रहे। अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, एनसीसी उत्तर प्रदेश के अपर महानिदेशक मेजर जनरल विक्रम कुमार मौजूद रहे। समारोह में एनसीसी कैडेटों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया गया।
इन्हें मिले स्वर्ण पदक
राज्यपाल ने सर्वश्रेष्ठ चयनित छह कैडेटों को राज्यपाल स्वर्ण व छह को राज्यपाल रजत पदक दिया। राज्यपाल स्वर्ण पदक से सम्मानित होने वालों में गाजियाबाद से कैडेट कनिष्क, कैडेट अंशिका सिन्हा एवं कैडेट मानसी तथा आगरा से कैडेट कृति नौटियाल, लखनऊ के कैडेट विशाल सिंह, कैडेट अंशिका कुमारी रहे।
इन्हें मिला रजत पदक
राज्यपाल रजत पदक से प्रयागराज से कैडेट अर्नव दीपक चंद्ररावंशी, अलीगढ़ से कैडेट अनुराग कुमार, बरेली से कैडेट महदीप कृष्ण शर्मा, मेरठ से कैडेट कैडेट रीतिका, गाजियाबाद से कैडेट गोरमा मानचू तथा लखनऊ के कैडेट नीतिश यादव नवाजे गए। एएनओ और पीआई स्टाफ को भी पुरस्कार दिए गए। सर्वश्रेष्ठ एनसीसी ग्रुप के लिए प्रतिष्ठित इंटर ग्रुप चैम्पियनशिप बैनर ग्रुप कमांडर गाजियाबाद को दी गई, जिसे ब्रिगेडियर कुलविन्दर सिंह ने प्राप्त किया।