पत्रकारों से मुखातिब अनुप्रिया ने कहा कि जातिगत जनगणना समय की मांग है। लंबे समय से जातिगत जनगणना नहीं हुई है, इसलिए भी यह जरूरी है। इससे सभी जातियों के वास्तविक आंकड़े सामने आ जाएंगे। इसके लिए उन्होंने खुद केंद्रीय नेतृत्व से बात की है और कई मंचों पर इस मुद्दे को उठा चुकी हैं।