कृषि मंत्रालय की ओर से कृषि विपणन में सुधार के लिए ई- नाम परियोजना चल रही है। मंत्रालय की ओर से दिए गए निर्देश के तहत 13 तरह के सुधारों में 12 को पहले ही कर लिया गया था।
अब विभिन्न राज्यों के व्यापारी प्रदेश के किसानों से और प्रदेश के व्यापारी दूसरे राज्य के किसानों से सीधे कृषि उत्पाद खरीद सकेंगे। इसके लिए नए सिरे से लाइसेंस जारी किया जाएगा। लाइसेंस जारी करने के लिए कृषि उत्पादन मंडी (28वां संशोधन) नियमावली-2023 में संशोधन किया गया है। मंगलवार को कैबिनेट ने इसी मंजूरी दे दी।
विज्ञापन
कृषि मंत्रालय की ओर से कृषि विपणन में सुधार के लिए ई- नाम परियोजना चल रही है। मंत्रालय की ओर से दिए गए निर्देश के तहत 13 तरह के सुधारों में 12 को पहले ही कर लिया गया था। अब परस्पर व्यापार संबंधी सुधार के लिए नियमावली में संशोधन किया गया है। इससे दूसरे राज्य के व्यापारियों को प्रदेश के कृषि उत्पाद के खरीदने और बेचने के लिए लाइसेंस जारी किया जा सकेगा।
वे सीधे किसानों के खेत में जाकर उपज खरीद सकेंगे। इसी तरह प्रदेश के व्यापारियों को दूसरे राज्य के किसानों से सीधे उपज खरीदने का भी मौका मिलेगा। नई व्यवस्था से अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को उनकी उपज का प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य मिल सकेगा। किसानों को अन्य राज्यों में भी बाजार का विकल्प उपलब्ध होगा। इससे व्यापारियों को भी फायदा होगा। इस व्यवस्था से किसानों को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा। बाजार का विस्तारीकरण होगा। किसानों एवं व्यापारियों को अपने उत्पाद के ज्यादा से ज्यादा विपणन केंद्र मिल सकेंगे। इससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।