अधिकारी की गाड़ी के सामने धरने पर बैठी महिला।
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रायबरेली जिला अस्पताल के सुरक्षा गार्डों की दबंगई और मारपीट के खिलाफ शिकायत की जांच पर बुलाई गई महिला ने सीएमएस पर शिकायत वापस लेकर पीछे हटने की धमकी देने का आरोप लगाया है। गार्डों पर महिला ने जांच के दौरान अभद्र व्यवहार व मारपीट के प्रयास का आरोप लगाया। महिला ने कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन के सामने अधिकारी की गाड़ी के सामने धरने पर बैठ गई जिसके बाद मामले के जांच के आदेश दिए गए हैं। महिला ने सीएमएस और गार्डों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में सोमवार को एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली महिला नूरजहां का आरोप है कि पिछले सप्ताह वह अपने मरीज को देखने जिला अस्पताल गई थी। सुरक्षा गार्डों ने अभद्रता और मारपीट का प्रयास किया था। इसकी शिकायत पोर्टल पर की थी। सीएमएस ने बीते तीन दिन पहले जांच करने के लिए बुलाया था। महिला का आरोप है कि सीएमएस ने धमकी दी कि शिकायत को वापस ले लो, नहीं तो परेशान हो जाओगी। यदि अच्छा इलाज चाहिए तो प्राइवेट अस्पताल में जाओ। महिला का आरोप है कि संदीप व अन्य गार्डों ने उसके साथ मारपीट करके मोबाइल भी छीन लिया। इससे गुस्साई महिला बीते शुक्रवार को बचत भवन में बैठक कर रहे प्रमुख सचिव की गाड़ी के सामने धरने पर बैठ गई।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अमृता सिंह व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा देकर महिला को घर वापस कर दिया था। सोमवार को बचत भवन के सामने महिला के धरना देने और उसके द्वारा जिला अस्पताल के सीएमएस और सुरक्षा गार्डों पर लगाए आरोपों का वीडियो वायरल हो गया। मामले में एडीएम ने सीएमओ को जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उधर, सीएमएस डॉ. प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि महिला के आरोप गलत हैं। कोई धमकी नहीं दी गई है।