सरकारी पशु चरागाह को बनाया था अड्डा
प्रशासन ने जब अरुण यादव की संपत्तियों की जांच शुरू की तो सामने आया कि जिस जमीन पर काला कारोबार करने के लिए अहाता और भवन का निर्माण कराया गया था, वह सरकारी पशु चरागाह की जमीन है। इस पर निर्माण पूरी तरह से अवैध है। पुलिस व प्रशासन की टीमों ने मंगलवार को पहले जमीन की पैमाइश की। इसके बाद चरागाह की जमीन पाए जाने पर बुलडोजर से पूरे निर्माण को जमींदोज कर दिया।
गांव में अन्य अवैध कब्जों की जांच करेगी कमेटी
एसडीएम शुभी सिंह के मुताबिक, गांव में 24 बीघा भूमि पशुचर के नाम सुरक्षित है जिसमें से सवा बीघा जमीन पर सपा नेता ने कब्जा कर निर्माण करा रखा था। इस अवैध कब्जे को हटाया गया है। गांव में अन्य सरकारी जमीनों पर भी सपा नेता द्वारा कब्जे की शिकायत मिल रही है। इसके लिए एक टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। कब्जा पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। सपा नेता ने जिस जमीन पर कब्जा कर रखा था उसकी कीमत 1.40 करोड़ रुपये है। एसडीएम के मुताबिक, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने पर सपा नेता के विरुद्ध केस भी दर्ज कराया जाएगा। पूरी कार्रवाई के दौरान एसडीएम शुभी सिंह, तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा, राजस्व टीम व इंस्पेक्टर मोहनलालगंज अखिलेश मिश्र, नगराम इंस्पेक्टर शमीम खान समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
अहाते में जिम से लेकर पार्क तक बना रखा था
अरुण यादव ने इस अहाते में सारी सुविधाएं उपलब्ध करा रखी थी जिसमें एसी वाले कमरे, जिम, पार्क, अत्याधुनिक रसोई, गौशाला भी बनाई थी। लेकिन पुलिस टीम पर हमला करने की गलती ने महज चार दिन के अंदर पूरे रसूख को जमींदोज कर दिया। सपा नेता के खिलाफ लखनऊ के थानों में 10 से अधिक केस दर्ज हैं।