मेट्रो रेल परियोजना के लिए पैसा जुटाने को एलएमआरसी को सीजी सिटी में 178 एकड़ जमीन देने पर विचार किया जा रहा है। इस बारे में शासन स्तर पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। इस जमीन का रिहायशी और कॉमर्शियल इस्तेमाल कर जो 178 एकड़ जमीन एलएमआरसी को मिलेगी, उसका रिहायशी और कॉमर्शियल उपयोग कर रकम जुटाई जाएगी।
इससे न केवल एलएमआरसी को लाभ मिलेगा, बल्कि लोगों को हजारों की संख्या में आवास भी उपलब्ध होंगे। हाल ही में इस संबंध में प्रमुख सचिव आवास सदाकांत की अध्यक्षता में जमीन के एलएमआरसी को देने को लेकर मीटिंग भी हुई। इसमें बहुत ही सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बताया कि, बहुत जल्द ही हमको ये जमीन सरकार से मिल जाएगी। इसके लिए एग्रीमेंट लखनऊ विकास प्राधिकरण से होगा। उन्होंने बताया कि, एलएमआरसी ने जो अपनी आय के साधन जुटाए हैं, उसमें सबसे अधिक हिस्सा किराये का है।
हालांकि हम किराये से आय 80 से 85 के बीच ही रखेंगे। ताकि, महंगे किराये का बोझ आम लोगों पर न पड़े। अगर आम लोगों को किराये का बोझ झेलना पड़ेगा तो वे आखिर मेट्रो ट्रेन में बैठेंगे ही क्यों। इसलिए प्रॉपर्टी डवलपमेंट पर ही जोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि, एलएमआरसी के लिए 178 एकड़ भूमि सरकार ने तय की है। इसके लिए चक गंजरिया में मानचित्र पर सीमांकन भी दर्ज कर दिया गया है। यहां हमको 70 फीसदी रेजीडेंशियल और 30 फीसदी कॉमर्शियल लैंडयूज भी दे दिया गया है।