केंद्रीय बजट से प्रदेश के 50 लाख छात्रों व युवाओं के लिए उम्मीद जगी है। वे कम ब्याज दर पर एजुकेशन लोन ले सकेंगे। अभी परिवार की आय निर्धारित सीमा से अधिक होने से ये छात्र छात्रवृत्ति व शुल्क भरपाई योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं। राज्य सरकार ढाई लाख रुपये सालाना आय वाले एससी-एसटी वर्ग और दो लाख रुपये तक सालाना आय वाले अन्य वर्गों के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई की सुविधा देती है। इससे 50-55 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलता है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस निर्धारित आय सीमा से अधिक वाले परिवारों के विद्यार्थियों की संख्या भी करीब 50 लाख रहती है। बजट घोषणा के मुताबिक अब इन युवाओं को भी लाभ मिलेगा। बजट पेश करते समय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जो युवा मौजूदा सरकारी योजनाओं और नीतियों के तहत लाभ के पात्र नहीं हैं, उन्हें उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्हें यह सुविधा 3 फीसदी वार्षिक ब्याज सब्सिडी के साथ मिलेगी। इससे जहां उच्च शिक्षा अधिक सुलभ हो सकेगी, वहीं उद्योगों की जरूरत के अनुसार श्रमशक्ति भी तैयार हो सकेगी।