बसपा प्रदेश की आठ सीटों पर होने वाले उपचुनाव में पिछले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर ही आगे बढ़ती नजर आ रही है। उपचुनाव में सबसे ज्यादा तीन सीटें मुस्लिमों को देने की तैयारी है। स्वार, बुलंदशहर व नौगांवा शादात में मुस्लिम समाज से विधानसभा प्रभारियों को हरी झंडी दे दी गई है। बसपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में कुल 403 सीटों में से 97 मुस्लिम प्रत्याशी उतारे थे।
बसपा ने पिछले दिनों ब्राह्मणों के उत्पीड़न का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था और पार्टी संगठन में भी उन्हें हिस्सेदारी देने की पहल की थी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संकेत किया था कि आगे ब्राह्मणों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और 2007 की तरह विधानसभा चुनाव में अधिक सीटें मिलेंगी। पर, उपचुनाव की रणनीति में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा।
जानकारी के मुताबिक दो सुरक्षित सीटें घाटमपुर व टूंडला अनुसूचित जाति को मिलनी हैं। देवरिया सीट पर ब्राह्मण, मल्हनी पर ठाकुर व बांगरमऊ में पिछड़ा वर्ग का प्रत्याशी देने की तैयारी है। मल्हनी को छोड़ लगभग सभी सीटों पर बसपा ने मजबूत प्रत्याशियों का नाम तय कर लिया है। मल्हनी में एक पूर्व सांसद व एक अन्य दावेदार के बीच जोर-आजमाइश चल रही है। वहां भी जल्द ही प्रत्याशी का नाम फाइनल होने की संभावना है। अन्य सीटों के लिए मंडलीय सम्मेलनों में स्थानीय पदाधिकारी प्रत्याशियों का एलान करने लगे हैं।
विधानसभा चुनाव में नई रणनीति नजर आएगी
पार्टी के एक जिम्मेदार नेता बताते हैं कि उपचुनाव में विकल्प सीमित हैं। हर सीट का अलग समीकरण है। ऐसे में काडर व जिताऊ प्रत्याशी को ध्यान में रखकर टिकट तय किया गया है। विधानसभा आम चुनाव की तस्वीर बिल्कुल अलग होगी। उस समय इससे अलग समीकरण नजर आएगा।
बसपा को खोना कुछ नहीं
जिन आठ सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें से जौनपुर की मल्हनी और रामपुर की स्वार सीट सपा के पास थीं। बाकी छह सीटें भाजपा के पास। इनमें से दो सीटें मंत्रियों कमल रानी वरुण व चेतन चौहान के निधन से खाली हुई हैं। बसपा अगर एक भी सीट जीतती है तो यह विधानसभा चुनाव से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला होगा।
बसपा के संभावित प्रभारी/प्रत्याशी
पश्चिमी यूपी
टूंडला (फिरोजाबाद) संजीव कुमार चक
स्वार (रामपुर) शफीक अंसारी
बुलंदशहर हाजी यूनुस
नौगांवा सादात (अमरोहा) फुरकान अहमद
मध्य यूपी
घाटमपुर (कानपुर नगर) कुलदीप शंखवार
बांगरमऊ (उन्नाव) महेश पाल
पूर्वी यूपी
मल्हनी (जौनपुर) क्षत्रिय को जा सकती है
देवरिया सदर अभयनाथ त्रिपाठी