बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को गांव-गांव ''वोट हमारा राज तुम्हारा, नहीं चलेगा'' अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने लोकसभा चुनाव तक संगठन को मजबूत करने और निकाय चुनाव की सभी कमियों को दूर करते हुए मिशनरी लक्ष्य में जुटने की अपील की है। वह बृहस्पतिवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर पदाधिकारियों की बैठक ले रही थीं।
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मायावती ने राज्य कमेटी और सभी मंडलों, जिलों के पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नगर निकाय चुनाव के परिणाम की समीक्षा की। कहा कि चुनावों में भाजपा और सपा ने साम, दाम, दंड भेद जैसे घिनौने हथकंडे अपनाए। भाजपा ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए दमन की कार्रवाई की। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायत रही। लोकतंत्र एवं भविष्य के लिए यह बेहद दुखद है। इसका जवाब लोकसभा आम चुनाव में जनता इन्हें देगी। निकाय चुनाव में लोगों की आपसी गुटबाजी, रंजिश, मनमुटाव तथा चुनाव में टिकट न मिल पाने आदि के कारण हालात विषम रहते हैं। इसे आगे ध्यान में रखकर संगठन को मजबूत किया जाए।
भाजपा चाहे जो भी दावा करे लेकिन वास्तविकता यह है कि उसने ओबीसी आरक्षण तथा महिला सीटों के आरक्षण समेत शुरू से लेकर अंत तक निकाय चुनाव को हर तरह से तोड़ा मरोड़ा। बावजूद इसके मेयर चुनाव को छोड़कर भाजपा की दाल लोगों ने बहुत ज्यादा नहीं गलने दी। मेयर का चुनाव भी यदि ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से होता तो परिणाम कुछ और होते। साथ ही खासकर आगरा और सहारनपुर के मेयर चुनाव में बसपा को घिनौना षड्यंत्र करके हरा दिया गया। उन्होंने कहा की पार्टी कार्यकर्ता चुनावी खर्च के लिए पार्टी को आर्थिक रूप से मजबूत रखने को कभी ना भूलें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव गांव अभियान चलाने का आह्वान किया। कहा कि समाज के लोगों को उनके वोट की ताकत बताई जाए।
चुनाव आयोग भी ध्यान दे
मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग पर ध्यान दे। उसे संविधान व राजनीति में धर्म के बढ़ते प्रभाव को प्रभावी ढंग से रोकना चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से भी कहा कि कानून को अपने हाथ में न लें। निकाय चुनाव में आपसी गुटबाजी रहती है पर सभी कार्यकर्ताओं को कानून के दायरे में रहकर संगठन का विस्तार करना है।