फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव: मायावती ने अपनाया लचीला रुख, बोलीं - गठबंधन उससे करेंगे, जिसका वोट बसपा को ट्रांसफर हो

Sun, 10 Dec 2023 03:04 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में उसी पार्टी के साथ गठबंधन किया जाएगा जिसका वोट बसपा को ट्रांसफर हो। यूपी में गठबंधन के अनुभव को उन्होंने कड़वा और खराब बताया।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती व आकाश आनंद (बायें)। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करने के अपने फैसले को अटल बताने वाली बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को लचीला रुख अपनाया है। लखनऊ में देश भर के पदाधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि यदि हमको गठबंधन करना होगा तो ऐसी पार्टी से करेंगे जिसका वोट बसपा को भी ट्रांसफर हो जाए। उनके इस बयान के सियासी मायने तलाशे जाने लगे हैं कि बसपा अंदरखाने किस दल के साथ लोकसभा चुनाव में गठबंधन की संभावनाएं तलाश रही हैं।

विज्ञापन


उन्होंने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावी गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है क्योंकि हमारा वोट दूसरी पार्टी को ट्रांसफर हो जाता है। दूसरी पार्टियां अपना वोट बसपा को ट्रांसफर नहीं करा पाती हैं। गठबंधन में सकारात्मकता कम व नकारात्मकता ज्यादा है, ऐसा लोगों का मानना है। यूपी में तो इसका तजुर्बा बहुजन मूवमेंट के हित में कड़वा और खराब रहा है। पार्टी का प्रयास बहुजन समाज के विभिन्न अंगों को आपसी भाईचारा के आधार पर जोड़कर उनकी राजनीतिक शक्ति डॉ. आंबेडकर की सोच के मुताबिक विकसित करने की है।

ये भी पढ़ें - दानिश अली का निलंबन: राहुल गांधी से करीबी पड़ी भारी, कुछ दिनों से लग रही थीं कांग्रेस में जाने की अटकलें
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अखिलेश यादव बोले: ईवीएम पर नहीं रहा भरोसा, बैलेट पेपर से ही हो मतदान, जानबूझ कर काटे गए यादव-मुस्लिम वोट
विज्ञापन


दानिश के निलंबन से मचा था हड़कंप
दरअसल बसपा सुप्रीमो ने शनिवार को अमरोहा के सांसद दानिश अली को पार्टी से निलंबित कर दिया था। वहीं पार्टी में अंदरखाने गठबंधन को लेकर तरह-तरह की शंकाएं पैदा होने लगी थी। पार्टी के कई नेता किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करने के निर्णय से असहमत थे, क्योंकि राजस्थान चुनाव में पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा था। वहीं गठबंधन नहीं करने की सूरत में कई नेताओं के दूसरे दलों में जाने का खतरा भी बरकरार था।

अशोक सिद्धार्थ को राजस्थान और मध्य प्रदेश का जिम्मा
मायावती ने बैठक में कई अहम बदलावों का एलान भी किया। उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को महाराष्ट्र से हटाकर राजस्थान और मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है। बता दें कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में पार्टी का जनाधार घटने की वजह से यह निर्णय लिया गया है। वहीं राज्यसभा सांसद एवं पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर रामजी गौतम को मध्य प्रदेश और राजस्थान की जगह महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें