पूर्व के परिणामों को देखें तो वर्ष 2012 में सपा प्रत्याशी प्रो. अभिषेक मिश्र और 2017 में भाजपा प्रत्याशी डॉ. नीरज बोरा ने यहां जीत दर्ज करायी थी। इस बार सपा से पहले यहां अभिषेक मिश्र के चुनाव में उतरने के कयास थे, लेकिन बाद में पूजा शुक्ला का नया चेहरा आने से समीकरण बदल गए। पूजा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने के बाद सुर्खियों में आई थीं। पार्टी अपने परंपरागत वोटों के अलावा ब्राह्मण व मुस्लिम वोटों पर निगाह लगाए है। वहीं, भाजपा ने वर्तमान विधायक नीरज बोरा को सीट बदलने की चर्चाओं के बीच फिर से मैदान में उतारा है।
ब्राह्मण-मुस्लिम होंगे निर्णायक
2012 में गठित इस सीट के पहले चुनाव में कांग्रेस से नीरज बोरा मैदान में थे और उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया था। बाद में भाजपा से वह जीते। इसलिए माना जाता है कि जातीय समीकरण भेद सकते हैं। ठाकुरगंज निवासी सीतापुर रोड मंडी के आढ़ती विजय कुमार द्विवेदी पप्पू बताते हैं कि उत्तर विधान सभा में सबसे अधिक मतदाता ब्राह्मण, और दूसरे नंबर पर मुस्लिम हैं। इसलिए जीत का सेहरा उसी के सिर बंधेगा जिसको सबसे ज्यादा ब्राह्मण व मुस्लिम मतदाता का वोट मिलेगा। इनका मानना कि मुस्लिम प्रत्याशी एक मात्र होने के कारण त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। वैसे यहां इस बार सपा व भाजपा में ही मुकाबला माना जा रहा है।
मुख्य मुद्दे
- गोमती नदी पर घैला पीपे का पुल हटाकर स्थायी पुल का निर्माण
- गंदगी पर अंकुश लगाने, जिससे संक्रामक बीमारी से हो बचाव
- सड़क, नाली, खड़ंजा एवं पेयजल सप्लाई के इंतजाम
- गोमती नदी के आसपास के इलाकों के साथ ही अन्य अविकसित क्षेत्रों में विकास कार्य
वोटों का गणित
- ब्राह्मण 80 हजार
- मुस्लिम 80 हजार
- यादव 40 हजार
- कायस्थ 35 हजार
- एसी 30 हजार
- ओबीसी 45 हजार
- वैश्य 25 हजार
- क्षत्रिय 25 हजार