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नेताओं के पास नही हैं मायावती के 'क्यों' का जवाब

Tue, 20 May 2014 08:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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चुनाव में बेहद शर्मनाक हार के बाद बसपा नेता सकते में हैं। जिस पर मंथन करने के लिए बैठक बुलाई गई है, इतनी करारी हार के बाद नेताओं को जवाब भी नहीं सूझ रहा है।
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बहुजन समाज पार्टी की तरफ से आज मंगलवार को लखनऊ में बैठक बुलाई गई है। जिसमें सभी विधायक, विधान परिषद सदस्यों के अलावा सभी जोनल को-आर्डिनेटर को मौजूद रहने को कहा गया है।

बैठक में विधानसभा अध्यक्ष, जिला महासचिव, जिला प्रभारी, सभी विधानसभा प्रभारी भी बुलाए गए हैं।

कहा जा रहा है कि पदाधिकारियों के विचार जानने के बाद बसपा प्रमुख मायावती उनके समक्ष अपनी बात रखेंगी।
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अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन

इस चुनाव में पार्टी का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। इसको लेकर दल का हर नेता सकते में है। यह सवाल उठ रहा है कि इतना खराब प्रदर्शन किस कारण हुआ।

जब पार्टी का खास वजूद नहीं था, तब भी उसे प्रदेश में सीटें मिली थीं। कई बार प्रदेश में शासन करने के बाद पार्टी मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है, तब उसे एक भी सीट न मिलना चिंता का विषय है।

इस सवाल का जवाब पार्टी के दिग्गजों को ढूंढे नहीं मिला रहा है। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अयूब ने मंगलवार को सभी पदाधिकारियों को लखनऊ बुलाया है।

माना जा रहा है कि संगठन में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया जाएगा। दूसरी बार लोकसभा चुनाव लड़ने वाली पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है।

पार्टी अध्यक्ष की जमानत जब्त

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक डॉ. अयूब डुमरियागंज से अपनी जमानत नहीं बचा सके। गोरखपुर और बस्ती मंडल के प्रत्याशियों का हाल तो और भी खराब रहा।

संतकबीर नगर छोड़कर बाकी सीटों के प्रत्याशियों के वोटों की संख्या 10 हजार तक नहीं पहुंच सकी।

आज होने वाली बैठक में हार के कारणों की समीक्षा होगी। संगठन में फेरबदल या उसका विस्तार भी किया जा सकता है। गोरखपुर से जिलाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को लखनऊ बुलाया गया है।
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सपा ने किया मंथन

समाजवादी पार्टी की सोमवार को लखनऊ में बैठक हुई। जिसमें सभी प्रत्याशियों को बुलाया गया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रत्याशियों के बाद अब जिला व महानगर अध्यक्षों की समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी।

हालांकि अभी कोई निर्देश नहीं आया है पर चुनाव संबंधित आंकड़े साथ ले कर जाने होंगे। वैसे प्रमुख पदाधिकारियों ने बैठक की तैयारियों को लेकर कसरत शुरू कर दी हैं।

पार्टी पदाधिकारियों के बाद लोकसभा चुनाव प्रभारियों की बैठक होगी। हर लोकसभा क्षेत्र के लिए दो से तीन प्रभारी तैनात किए गए थे, जो पूरी व्यवस्था देख रहे थे। हार के कारणों पर वह भी अपनी बात रखेंगे।
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