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'लखनऊ, दिल्ली छोड़ बदायूं में बैठ जाऊंगी'

Mon, 02 Jun 2014 10:13 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने बदायूं पहुंचकर अपने एक बयान से सबको चौंका दिया। उन्होंने ऐलान किया कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो वह धरने पर बैठ जाएंगी।
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मायावती ने कहा कि वह पीड़ित परिवारों के लोग से मिली और सांत्वना दी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिया कि अगर उन्हें जरा भी तकलीफ हुई या उनके साथ किसी तरह की ज्यादती हुई, तो वह लखनऊ, दिल्ली छोड़कर बदायूं में आकर बैठ जाएंगी।

उन्होंने कहा कि उनका धरना प्रदर्शन तब तक चलता रहेगा जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाएगा।
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पांच-पांच लाख की दी आर्थिक मदद

माया ने दोनों मृतक बच्चियों के परिवार को पांच-पांच लाख आर्थिक मदद देने का ऐलान किया।

माया ने कहा कि पीड़ित परिवार ने उनसे कहा है कि उन्हें किसी और पार्टी पर भरोसा नहीं है इसलिए उन्होंने और कहीं से भी आर्थिक मदद नहीं ली। उन्हें बसपा से मदद लेने में कोई आपत्ति नहीं है।

तल्‍ख तेवर में माया ने कहा कि बदायूं में क्या पूरे प्रदेश में जंगलराज चल रहा है, लोग लड़कियों को दिनछिपे बाहर नहीं जाने देते हैं। लोग इस सरकार से तंग आ चुके हैं। मायावती ने कहा कि एक साल के भीतर ही सपा सरकार अपनी करतूतों से गिर जाएगी।

माया की मंशा, सपा सरकार पर बढ़े दबाव

बदायूं दौरे पर जाने से ठीक पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने माल एवेन्यू स्थित अपने आवास पर एक प्रेस कांफ्रेंस में सपा सरकार को निशाने पर लिया।

उन्होंने कहा कि इस घटना से यह बात साबित हो गई है कि प्रदेश में सुशासन नहीं है और आए दिन बलात्कार, चोरी, डकैती जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

मायावती ने कहा, दलित उत्पीड़न के मामले में मेरी पार्टी के ऊपर दबाव बढ़ता रहा है, हालांकि तब भी मैं पीड़ितों के घर दौरे पर इसलिए नहीं जाती हूं कि सपा सरकार यह न कह दे कि मैं चुनावी लाभ ले रही हूं।

हालांकि मायावती ने स्पष्ट कहा कि वह इसलिए बदायूं जा रही हैं ताकि सपा सरकार पर और दबाव बढ़े और वह जल्दी से इस पर कार्रवाई करे।

तो इसलिए बदायूं गईं माया

मायातवी ने कहा कि सपा सरकार पहले बदायूं रेप और हत्याकांड पर सीबीआई जांच को लेकर बहुत गंभीर नहीं थी, वह इसे टालने के चक्कर में थी।

लेकिन ज्यों ही सरकार को पता चला कि वह रविवार को बदायूं जा रही हैं, तो आनन-फानन में सरकार ने सीबीआई जांच के लिए हामी भर दी।

माया ने कहा, मृतक बच्चियों के माता-पिता को भी सरकारी मुआवजा नहीं, बल्कि न्याय चाहिए और यही वजह है कि मैं बदायूं जा रही हूं ताकि सरकार इस मामले को सीबीआई के पास भेजने में देरी न कर दे।

बयानबाजी नहीं, करके दिखाएं केंद्र के मंत्री

मायावती ने सपा सरकार को कोसने के बाद केंद्र सरकार के नेताओं को नसीहत भी दिया।

उन्होंने कहा कि केंद्र के मंत्रियों को सिर्फ बयान देने और पीड़ित परिवार के लोगों से मिलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि केंद्र सरकार को इस मामले में जल्दी से जल्दी कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को सजा दिलानी चाहिए।

मायावती ने यह भी कहा कि दोषियों को फांसी की सजा दिलवानी होगी, ताकि आगे से इस तरह की घटनाओं पर कुछ हद तक रोक लग सके।
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मुलायम पर भी साधा निशाना

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा क‌ि मुलायम सिंह बलात्कारियों की वकालत करते हैं इसी वजह से आम आदमी के साथ-साथ पुलिस वाले और उनकी बिरादरी वाले आपराधिक छवि के लोगों का मनोबल बढ़ गया है।

मायावती ने यह भी कहा कि अधिकारियों के तबादले, निलंबन करने से प्रदेश में कानून व्यवस्‍था ठीक नहीं होगा। सरकार को चाहिए कि वह आपराधिक तत्वों पर लगाम लगाए।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं कर पाती है तो उसे इस्तीफा दे देना चाह‌िए। माया ने एक बार फिर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की बात कही।
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